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पुलवामा हमला: आतंकियों ने की है बड़ी गलती, कीमत चुकानी पड़ेगी

जम्मू-कश्मीर के पुलावामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले से पूरे में भारी गुस्सा है। यह गुस्सा सत्ता के स्तर पर भी देखा जा रहा है। आज सुबह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 फरवरी): जम्मू-कश्मीर के पुलावामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले से पूरे में भारी गुस्सा है। यह गुस्सा सत्ता के स्तर पर भी देखा जा रहा है। आज सुबह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने पूरे देश को भरोसा दिया है कि इस हमले को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा और उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी देश अगर यह समझ रहा है कि वह भारत में अस्थिरता पैदा कर सकता है, तो वह यह ख्वाब छोड़ दे। इस समय बड़ी आर्थिक बर्बादी से गुजर रहे हमारा पड़ोसी देश यह समझ लें कि उसके यह मनसूबे पूरे होने वाले नहीं। वह जिस रास्ते पर चले हैं, वह तबाही वाला है और हम जिस रास्ते पर चले हैं वह तरक्की करने वाला है।

भारत के 120 करोड़ लोग इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। कई बड़े देशों इस हमले की निंदा की है। सभी मानवता वादी शक्ति को एक जुट होकर लड़ना होगा और आतंकवाद को परास्त करना होगा। पुलवामा हमले के बाद देश का माहौल दुख के साथ आक्रोश से भरा हुआ है। यह देश टूटने वाला नहीं है और ऐसे हमलों को एकजुट होकर इसका सामना करेगा। मैं सभी वीर शहीदों की आत्मा को नमन करते हुए, उनका आशीर्वाद लेते हुए एक बार फिर कहता हूं कि जिन सपनों को लेकर उन्होंने अपने जान की आहूति दी है, हम उनको पूरा करेंगे।

आपको बात दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में अबतक 44 जवान शहीद हो गए। जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शहीदों एक मेजर भी शामिल है। आतंकियों ने ये हमला CRPF की 76 बटालियन की बसों पर किया।  हमले के वक्त 2547 जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इसी दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से उनकी बस में टक्कर मार दी। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए। करीब 10 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। सितंबर 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है। उरी में 18 सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर स्थित अवंतिपोरा इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाया। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस काफिले पर हमले की साजिश रची थी। विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी। आत्मघाती हमलावर आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।

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