जम्मू-कश्मीर: पुलिस ने अपने जवानों को घर न जाने की दी सलाह

नई दिल्ली ( 17 अप्रैल ): जम्मू-कश्मीर में जारी हिंसा के बीच राज्य पुलिस के जवानों को अगले कुछ महीनों तक घर न जाने के निर्देश दिए गए हैं। हालिया घटनाओं को देखते हुए पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों पर संभावित आतंकी हमले की आशंका के चलते रविवार को यह एडवाइजरी जारी की गई है। यह एडवाइजरी खासकर दक्षिण कश्मीर के पुलिसकर्मियों के लिए जारी की गई है।


पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में हाल ही में हुई उन घटनाओं को जिक्र किया गया है जिनमें आतंकियों और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों ने पुलिसकर्मियों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।


एडवाइजरी में कहा गया है, 'बीते दिनों हुई घटनाओं को देखते हुए दक्षिण कश्मीर से आने वाले पुलिसकर्मियों को सलाह दी जाती है कि वो अपने घर जाने में बेहद सावधानी बरतें। उनके लिए अच्छा होगा कि वे अगले कुछ महीनों के लिए घर न जाएं। क्योंकि उनकी खुद की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।'


अलग-अलग जोन के पुलिस अधिकारियों को यह सुझाव दिए गए हैं कि वो पुलिसकर्मियों को संभावित खतरों के बारे में बताएं ताकि उनके परिवार और संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचे। बीते महीने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एक डीएसपी रैंक के अधिकारी के घर घुसे थे और उनके परिवार के लोगों को धमकी थी थी। इस घटना के बाद राज्य के डीजीपी एसपी वैद ने आतंकियों को चेतावनी दी थी, 'यह लड़ाई पुलिस और आतंकियों के बीच है। इसमें परिवारों को बीच नहीं लाना चाहिए।'


उधर, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार शाम आतंकियों ने पूर्व सरकारी वकील इम्तियाज अहमद खान की हत्या कर दी। आतंकी पिंजूरा गांव स्थित उनके घर में घुसे थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकियों ने खान पर करीब से कई राउंड गोलियां चलाईं। खान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।