जम्मू-कश्मीर सरकार ने बर्खास्त किए 12 अधिकारी, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

 

 

नई दिल्ली ( 20 अक्टूबर ) :  जम्मू और कश्मीर सरकार ने अपने 12 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। अधिकारियों पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इन कर्मचारियों पर आरोप है कि राज्य में अशांति फैलाने में उन्होंने भी भूमिका निभाई। खबरों के अनुसार कई अन्य अधिकारियों पर भी करीब से नजर रखी जा रही है।

बर्खास्तगी का यह आदेश बुधवार शाम को आया। बर्खास्त किए गए अधिकारियों में कश्मीर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार भी शामिल हैं। उनके अलावा नौकरी गंवाने वालों में शिक्षा, रेवेन्यू, पब्लिक हेल्थ, इंजीनियरिंग और फूड सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

जम्मू कश्मीर के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि राज्य की पुलिस ने इन सभी अधिकारियों की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी रिपोर्ट के मुख्य सचिव को सौंप दिया जिसके बाद उन्होंने सभी के संबंधित विभागों के प्रमुखों को बर्खास्त करने के लिए कहा। राज्य सरकार ने राज्य के संविधान के आर्टिकल 126 के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया है.

अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ कर्मचारियों पर पहले से ही पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है जबकि कुछ लोग अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हैं. 

बता दें कि 8 जुलाई को आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में हिंसक घटनाएं हो रही हैं जिसमें 90 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है जबकि 12,000 के ज्यादा लोग घायल हुए हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे पाकिस्तान का हाथ है।

कश्मीर में आतंकवाद के 26 सालों में यह दूसरी बार हुआ है कि सरकारी कर्मचारियों को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में नौकरी से निकाला है। 1990 में, पांच कर्मचारियों को अलगाववादियों का पक्ष लेने के लिए बर्खास्त किया गया था। उस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों ने 3 महीने लंबी हड़ताल की थी।