जमीयत उलेमा सम्मेलन में मोदी पर निशाना, सोनिया ने भेजी चिट्ठी

सैयदा अफिफा, नई दिल्‍ली (12 मार्च): देश के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक सम्मेलन किया। इस सम्मेलन में कांग्रेस, जेडीयू, लेफ्ट समेत मोदी के सभी सियासी विरोधी एक मंच पर जमा हुए थे। किसी ने मोदी राज में इनटॉलरेंस की बात की, किसी ने मुसलमानों के साथ भेदभाव की बात की, किसी ने संघ की तुलना बगदादी से कर दी तो सोनिया गांधी ने अपनी चिट्ठी में संदेश भिजवाया कि मौजूदा हालात में सबको एक मंच पर आने की जरूरत है।

इस आयोजन में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने मोदी राज के दौरान मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप भी लगाया। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कह कि मोदी सरकार अपने सबका साथ सबका विकास के वादे से पीछे हट गई है। मुसलमानों, इसाईयों और दलितों के लिए देश में माहौल खराब होता जा रहा है। सरकार अपनी विकास की नीतियों में अल्पसंख्यकों को कोई जगह नहीं दे रही है।

मोदी सरकार पर भेदभाव से लेकर बंटवारे तक का आरोप लगाने वाले मंच पर सोनिया गांधी ने अपनी चिट्ठी के जरिए सबको एकजुट करने का भी आह्वान किया है। चिट्ठी में लिखा था 'मुल्क नाजुक दौर से गुजर रहा है। नफरत का माहौल बना हुआ है। सेकुलरिज्म को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में हमें एक मंच पर आना होगा। उम्मीद करती हूं कि जमीयत की कोशिश रंग लाएगी। वहीं विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं के इस सेमिनार में आने की उम्मीद है। यूपी में होने वाले चुनाव के मद्देनजर इस सेमिनार का एक राजनीतिक महत्व माना जा रहा है।'