ऑपरेशन ऑल आउट का असर, अब जम्मू-कश्मीर से भागने लगे हैं आतंकी- अरुण जेटली

नई दिल्ली (14 अगस्त): भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ दी। इस साल अबतक 130 के करीब आतंकी मारे जा चुके हैं। घाटी में सुरक्षाकर्मियों का आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट जारी है। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कश्मीर में आतंकवादी अब भारी दबाव में हैं और पत्थरबाजों की संख्या हजारों और सैकड़ों से घटकर 20-30 पर आ गई है।

जेटली ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि मेरा मानना है कि घाटी में हथियारबंद आतंकवादियों पर अब भारी दबाव है और वे भाग रहे हैं। इससे पहले हजारों आतंकवादी नियंत्रण रेखा (एलओसी) को पार करते थे, लेकिन अब इसमें कमी आई है और सुरक्षा बल हावी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले मुठभेड़ के समय सैकड़ों या हजारों पत्थरबाज अक्सर आतंकवादियों को रास्ता मुहैया कराने के लिए जमा हो जाते थे। आज उनकी संख्या घटकर 20-30 या 50 रह गई है। अब कोई आतंकवादी आतंकी घटना को अंजाम देने या घाटी में दशकों तक दहशत फैलाने की नहीं सोच सकता। आज उनका जीवन कुछ महीनों का हो गया है।

उन्होंने कहा कि मैं आतंकवादियों को खत्म करने के लिए खास तौर से जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की प्रशंसा करता हूं।  नोटबंदी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा अलगाववादी नेताओं पर हवाला को लेकर की गई कार्रवाई के कारण पहली बार आतंकवादी घाटी में बैंक लूट रहे हैं। आज एलओसी व अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हमारे बल प्रभावी हैं और इससे आतंकवादियों के लिए घुसपैठ मुश्किल हो गई है, खास तौर से हमारी सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से।

घाटी में आतंकवादियों द्वारा आईएसआईएस के झंडों के इस्तेमाल के सवाल पर जेटली ने कहा कि देश आईएसआईएस के खतरे से मुक्त है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि भारत रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बने। इसके लिए हम निजी क्षेत्र को आगे आने को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम निसंदेह अपने आयुध कारखानों व रक्षा उपक्रमों को मजबूत करना जारी रखेंगे।