राहुल के 'फेयर एंड लवली' का जेटली ने दिया यह जवाब

नई दिल्ली (8 मार्च): वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राज्यसभा में राहुल गांधी तथा कांगेस की ओर से कालाधन को लेकर बजट में किए गए प्रावधान पर उठाए गए सवाल का जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि उनकी सरकार ने 21 महीने में कालेधन के खिलाफ कई कदम उठाए हैं।

जेटली ने कहा कि काला धन जमा करने वाले लोगों के नाम की सूची प्रक्रिया के तहत ही उजागर की जाएगी। अदालत में जिन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दायर किए जाएंगे, उनके नाम नियमत: उजागर हो जाएंगे पर जिनके खिलाफ मामला अदालत में दायर नहीं है, उनके नाम नियमत: उजागर नहीं किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम राजनीतिक कारणों से किसी का नाम उजागर कर भी दें तो हम ऐसा कर उन्हें ही फायदा पहुंचाएंगे।

राहुल गांधी द्वारा बजट में कालाधन के संबंध में किए गए प्रावधान को 'फेयर एंड लवली स्कीम' बताने वाले बयान पर जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि पहले भी सरकारों ने काले धन को सफेद करने की योजना बनाई थी। लेकिन सभी योजनाएं सफल नहीं होती हैं। वर्ष 1980 में आय घोषित करने की एक स्कीम आई थी उससे केवल 904 करोड़ रूपए की ही प्राप्ति हुई थी। फिर 1997 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम एक स्कीम लेकर आए जिसमें 30 प्रतिशत कर देकर काले धन को सफेद किया गया, लेकिन उनसे दस साल पुरानी आय के आधार पर टैक्स लिया गया। इससे यह हुआ कि सरकार का 1995 के बाद टैक्स की राशि बढ़ी ही नहीं, जबकि हर साल सरकार का राजस्व टैक्स से 10-15 प्रतिशत बढ़ जाता था।

जेटली ने कहा कि इस बार बजट में जो स्कीम आई है, उसमें आज के बाजार मूल्य पर टैक्स देने का तथा उस पर 50 प्रतिशत जुर्माना भरने का भी प्रावधान है। इसलिए इस योजना में कोई छूट नहीं दी गई है जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने बैंकों के डूबे कर्ज का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई बड़ा संकट नहीं है। यह एक चुनौती जरूर है पर यह कर्ज हमने नहीं दिया है, बल्कि यह आपने दिया है।