केरल हिंसा पर जेटली का तंज, बीजेपी शासित राज्यों में हमले होते तो अवॉर्ड लौटा दिए जाते

नई दिल्ली ( 6 अगस्त ): केरल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता की हत्या के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस बीच रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली तिरुअनंतपुरम पहुंचे। जेटली ने आरएसएस कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की, जिसकी 29 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप सीपीआई-एम और सीपीएम के कार्यकर्ताओं पर है।

जेटली ने कहा है कि जिस तरह की हिंसा केरल में हो रही है, अगर वह बीजेपी या एनडीए शासित किसी राज्य में होती तो देश में अवॉर्ड वापसी का दौर शुरू हो जाता और संसद को ठप कर दिया जाता। उन्होंने पूछा कि आखिर एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंट) के सत्ता में आते ही इस तरह की हिंसा क्यों शुरू हो जाती है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर पुलिस और राज्य सरकार ने इस तरह के मामलों में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई नहीं की तो प्रदेश में हिंसा का माहौल कभी खत्म नहीं होगा।

प्रेस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि केरल में इस तरह ही हिंसा को रोकना राज्य सरकार का कर्तव्य ही नहीं जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और RSS कार्यकर्ताओं पर पूरी साजिश के साथ हमला किया जा रहा है और ये गंभीर मामला है। राज्य पुलिस को इस रोकने के लिए सभी कदम उठाने चाहिए और दोषियों को किसी तरह से राहत नहीं मिलनी चाहिए। 

जेटली ने कहा कि अगर राज्य सरकार केंद्र से हिंसा रोकने के लिए किसी तरह मदद मांगती है तो उनकी सरकार हरसंभव मदद करेगी। लेकिन हिंसा पर काबू करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और पुलिस को निष्पक्ष होकर अपनी भूमिका निभानी है। जेटली ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से केरल में जो माहौल पनपा है कोई किसी पर हमला कर देता है, ये देश के दूसरे हिस्से में कहीं नहीं है। इस रोकना राज्य सरकार का काम है, लेकिन लगता है कि ये सबकुछ राजनीतिक संरक्षण की वजह से केरल में हो रहा है। ये चिंता का विषय है। 

जेटली ने आरएसएस कार्यकर्ता राजेश के परिजनों से मुलाकात के बाद ऐसे हमलों की निंदा की और कहा कि ऐसी जघन्य हरकत तो देश के दुश्मन भी नहीं करते। उन्होंने ये भी कहा कि राजेश के बलिदान से पार्टी का हर कार्यकर्ता प्रेरणा लेगा.। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस मुश्किल वक्त में राजेश के परिजनों के साथ खड़े होने की अपील की।