जेटली और नीतीश ने किया फोन, मान गए 'नाराज' शरद यादव !

नई दिल्ली (27 जुलाई): महागठबंधन में फुट और एनडीए शामिल होकर नीतीश कुमार के बिहार में फिर से सरकार बनाने से नाराज शरद यादव के थोड़े नरम पड़ते दिख रहे हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज शाम शरद यादव से फोन पर बात की। बताया जा रहा है कि अरुण जेटली ने शरद यादव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले पर गतिरोध खत्म करने की अपील की और ताजा घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने भी शरद यादव से फोन पर बातचीत कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

खबर के मुताबिक नीतीश कुमार ने शरद यादव को बताया कि उन्हों लालू यादव से गठबंधन क्यों तोड़ना पड़ा। नीतीश कुमार ने बताया 'भ्रष्टाचार के केस सामने आने बाद उन्होंने खुद लालू यादव से तेजस्वी यादव का इस्तीफा करने की अपील की थी, लेकिन लालू यादव ने इस्तीफा नहीं कराया। जिसके चलते उनकी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे थे और सरकार की छवि खराब हो रही थी।

नीतीश कुमार ने शरद यादव को ये भी बताया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी इस मामले में दखल देने की बात की, कोई हल नहीं निकला। नीतीश कुमार ने कहा कि जब सोनिया और राहुल ने भी लालू यादव के सामने सरेंडर कर दिया, तब उन्हें बीजेपी के साथ जाने का विकल्प चुनना पड़ा।

एक तरफ जहां नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को पूरे एपिसोड की पटकथा समझाई, वहीं दूसरी तरफ शरद यादव के दोस्त और मोदी कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के फायदे गिनाए। सूत्रों के मानें तो नीतीश और अरुण जेटली से बात करने के बाद शरद यादव संतुष्ट नजर आए।