पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती से अरुण जेटली का इनकार, कहा- ईमानदारी से लोग टैक्स भरें

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 18 जून ): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को आज एक तरह से खारिज करते हुये कहा कि इस तरह का कोई भी कदम नुकसानदायक हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपने हिस्से के करों का ईमानदारी से भुगतान करें जिससे पेट्रोलियम पदार्थों पर राजस्व के स्रोत के रूप में निर्भरता कम हो सके।एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा, सिर्फ वेतनभोगी वर्ग ही अपने हिस्से का टैक्स अदा करता है। जबकि ज्यादातर अन्य लोगों को अपने टैक्स भुगतान के रिकॉर्ड को सुधारने की जरूरत है। यही वजह है कि भारत अभी तक एक टैक्स अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है। मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर – तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकनी चाहिए। अगर लोग ईमानदारी से टैक्स अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा. बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है।उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार का टैक्स – जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है। इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर- तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है। जेटली ने कहा कि गैर-तेल कर से जीडीपी अनुपात 2017-18 में 9.8 प्रतिशत था। यह 2007-08 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। उस साल हमारे राजस्व की स्थिति अनुकूल अंतरराष्ट्रीय वातावरण की वजह से सुधरी थी।