जैशा और उनके कोच ने कहा था, 'एनर्जी ड्रिंक नहीं चाहिए': AFI

नई दिल्ली(23 अगस्त):  रियो ओलिंपिक के मैराथन इवेंट में हिस्सा लेने गईं ओपी जैशा के रेस के दौरान पानी न मिलने वाली बात को ऐथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने नकार दिया है। AFI ने एक स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि जैशा और उनके कोच ने ही रेस के बीच में एनर्जी ड्रिंक लेने वाले ऑप्शन के लिए मना कर दिया था।

- सोमवार को जैशा ने कहा था कि भारतीय ऑफिशलों ने उनके लिए रेस के दौरान न तो एनर्जी ड्रिंक्स का इंतजाम किया था और न ही पानी का। रेस पूरी होने के बाद वह तीन घंटे तक बेहोश रहीं और उन्हें कई बोतल ग्लूकोज चढ़ाया गया।

- जैशा न बताया, 'वहां बहुत गर्मी थी। सुबह 9 बजे से दौड़ना था। मैं चिलचिलाती धूप में दौड़ रही थी। वहां हमारे लिए न तो पानी था न ही खाने के लिए कुछ। 8 किमी दौड़ने के बाद हमें पानी मिला (ओलिंपिक आयोजकों की तरफ से), लेकिन वह हमारे लिए पर्याप्त नहीं था। ट्रैक पर हर देश ने हर दो किमी की दूरी पर अपना स्टॉल लगा रखा था, लेकिन हमारे देश का स्टॉल खाली था।'

- जैशा के बयान को खारिज करते हुए एएफआई ने कहा कि उनके कोच ने ही किसी भी ड्रिंक को लेने से मना कर दिया था। एएफआई ने कहा है कि हर टीम को बूथ पर अपने ड्रिंक्स रखने की इजाजत दी गई थी, जिसे टीम और ऐथलीट के चॉइस के कलर के साथ मार्क किया जाता है।

- एएफआई ने कहा है कि महिला मैराथन की पिछली रात को भारतीय टीम का मैनेजर 16 खाली बोतलों को लेकर उनके कमरे में गया था। इनमें से 8 जैशा के लिए और 8 कविता के लिए थीं। टीम मैनेजर ने उनसे कहा कि वे अपनी पसंद की ड्रिंक बता दें, ताकि उनकी उपस्थिति में उसे सील कर लिया जाए। इसके बाद आयोजकों को बोतलें दे दी जातीं और वे उसे उनके बूथ पर रख देते। एएफआई का कहना है कि जैशा और कविता दोनों ने ही इस ऑफर को ठुकरा दिया और इंडियन टीम मैनेजर को बताया कि उन्हें पीने के लिए कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें एनर्जी ड्रिंक की जरूरत पड़ेगी तो वे आयोजकों के बनाए वॉटर बूथ और रिफ्रेशमेंट बूथ से ले लेंगे।

-एएफआई ने ये भी कहा कि नियमों के अनुसार, किसी और से या किसी ऑफिशल से ड्रिंक लेने पर ऐथलीट को खेल से बाहर किया जा सकता है। या तो ऐथलीट को आयोजकों के बूथ से ही ड्रिंक लेनी होती है या फिर उनकी ड्रिंक आयोजकों को रेस से पहले ही दे दी जाती है ताकि वे उन्हें उपलब्ध करा सकें। एएफआई ने कहा कि इसलिए ओपी जैशा का यह आरोप कि उन्हें पानी और एनर्जी ड्रिंक्स नहीं दिए, एकदम निराधार है।

- एएफआई के अनुसार, जैशा ने 2015 में पेइचिंग में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी एक दूसरे इवेंट में एनर्जी ड्रिंक लेने से मना कर दिया था। उनके कोच ने बताया था कि उन्हें एनर्जी ड्रिंक लेने की आदत नहीं है।' AFI ने पुरुष मैराथन में हिस्सा लेने वाले ऐथलीटों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने एनर्जी ड्रिंक की मांग की थी और उन्हें वह ड्रिंक उपलब्ध कराया गया था।