पठानकोट और मजार-ए-शरीफ दोनों के हमलावर जैश के आतंकी ही थे

नई दिल्ली (6 जनवरी):  अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में भारतीय कांसुलेट और पठानकोट एयरफोर्स पर हमला करने वाले आतंकी एक ही ग्रुप जैश-ए-मुहम्मद के थे... और इस ग्रुप का सरगना मौलाना मसूदद अज़हर है। 'अफगान टाइम्स डॉट एएफ' ने यहजानकारी खुफिया सूत्रों से अपनी वेबसाइट पर दी है।  आईटीबीपी और अफगानी सुरक्षा बलों की गोलियों के शिकार बने आतंकियों ने मरने से पहले का्सुलेट की दीवारों पर खून से नारे लिखने की कोशिश भी की थी। इसमें एक लिखा गया है कि अफजल गुरु का इंतकाम। वहीं दूसरा नारा भी लिखने की कोशिश की गयी जिसका मतलब है एक शहीद और हजार फिदायीन।

इन नारों को पढे जाने के बाद ये साफ हो गया है कि जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों ने ही रविवार भारतीय कांसुलेट पर हमला किया था। करीब 25 घंटे तक चले एनकाउंटर के बाद चार आतंकियों को मार गिराया गया। पठानकोट में शनिवार की सुबह और मजार-ए-शरीफ में रविवार की सुबह हमला किया गया था। दोनों हमलों की टाइमिंग लगभग एक जैसी थी। यह भी माना जा रहा है कि मजार-ए-शरीफ का हमला भारत सरकार का ध्यान बांटने के उद्देश्य से ही किया गया था।