नाहरगढ़: फोरेंसिक रिपोर्ट में लटकी मिली लाश पर बड़ा खुलासा

जयपुर (9 दिसंबर): फिल्म पद्मावती से विवाद के बीच जयपुर के नाहरगढ़ किले में एक लटकी लाश ने सनसनी मचा दी थी। हालांकि अब इस मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मृतक चेतन सैनी की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि उसने आत्महत्या की थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चेतन सैनी की लाश के पास किसी दूसरे व्यक्ति के आने का सबूत नहीं मिला है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चेतन सैनी की लाश के इर्द-गिर्द पत्थरों पर फिल्म और ऐतिहासिक पात्र पद्मावती से जोड़कर लिखे गए नारे खुद चेतन की हैंडराइटिंग में ही थे। पत्थरों पर लिखे मिले सांप्रदायिक उन्माद के नारों की हैंडराइटिंग चेतन की डायरी में दर्ज हैंडराइटिंग से मिल रही है।

इतना ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पत्थरों पर लिखे नारे फ्री हैंडराइटिंग हैं, मतलब किसी ने जबरन नहीं लिखवाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब किसी से कोई चीज जबरन लिखवाई जाती है तो उसका हाथ कांपता है, ऐसे में व्यक्ति की मूल हैंडराइटिंग से वह थोड़ा बदल जाती है। लेकिन नाहरगढ़ किले में पत्थरों पर लिखे नारे पूरे होशो-हवास में स्वतंत्र रूप से लिखे लगते हैं। चेतन सैनी के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान भी नहीं मिले, जो उसके साथ जोर-जबरदस्ती या मारपीट की भी पुष्टि नहीं करते। मतलब आत्महत्या की ओर ही इशारा करते हैं।

चेतन सैनी के शरीर के एक साइड में ही खरोंच के निशान मिले थे। इस पर रिपोर्ट में कहा गया है कि चेतन सैनी को ये खरोंचें किले की दीवार पर चढ़ने के बाद से खुद को फांसी पर लटकाने के दौरान दीवार से रगड़ने के चलते हुए लगी होंगी। चेतन के शरीर का कोई अंग टूटा-फूटा भी नहीं था। विसरा जांच में यह भी पता चला है कि चेतन सैनी के शरीर में किसी तरह का अल्कोहल या ड्रग्स या कोई भी नशीला पदार्थ मौजूद नहीं था। चेतन सैनी ने मौत से ठीक पहले सेल्फी भी ली थी, जिसकी जांच भी की गई। सेल्फी की जांच में सामने आया है कि तस्वीर में किसी अन्य व्यक्ति की परछाईं तक नहीं है।