देश के विकास के लिए समरसता जरूरी, फूट के कारण ही हमसे जीते विदेशी- संघ प्रमुख

जयपुर (5 नवंबर): संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जयपुर में सेवा भारती के नवनिर्मित भवन सेवा सदन का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सबका भला करते हुए जीवन जीने की पद्दति ही हिन्दू शब्द है। यह हमारी पहचान है। सबको समेटने और साथ लाने वाला है। हिन्दू शब्द किसी के अस्तित्व को समाप्त करने में विश्वास नहीं करती। यहा देश का दुर्भगय है जाति वर्ग चला और एक विशेष वर्ग पिछड़ गया। संवैधानिक समानता उस वक़्त तक मिले जब तक उन्हें सही जगह नहीं मिल जाती। केवल व्यवस्था बदलने से ही समरसता नही आएगी बल्कि स्वतंत्रता, समरसता और बंधुता जरूरी है। हमारे आपसी फूट के कारण ही विदेशी हमसे जीते। अब यह फुट नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया नेतृ्त्व के लिए भारत की ओर देख रही है इसलिए सभी लोगों को देश को ऐसा समर्थ बनाना होगा ताकि देश पूरी दुनिया को सेवाएं दे सके। साथ ही संघ प्रमुख भागवत ने लोगों से सेवा कार्य से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया नेतृत्व के लिए भारत और चीन की ओर देख रही है, लेकिन चीन को लेकर लोगों में शंका है इसलिए हम सभी को देश को ऐसा समर्थ राष्ट्र बनाना होगा जिससे भारत पूरी दुनिया को राह दिखा सके।