डॉक्टर कर रहे थे दिमाग का ऑपरेशन, मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): 
जयपुर में डॉक्टरों ने एक नया कारनामा कर दिखाया है। अभी तक मरीज को बेहोश करने के बाद ही कोई ऑपरेशन किया जाता था, लेकिन जयपुर के निजी अस्पताल में डॉक्टर मरीज के दिमाग का ऑपरेशन करते रहे और वह हनुमान चालीसा का पाठ करता रहा। हालांकि विदेश में इस तरह का ऑपरेशन किया जा चुका है और इसे अवेक ब्रेन सर्जरी (Awake Brain Surgery) कहा जाता है।

दरअसल, 30 वर्षीय हुलास मल जांगीर को पिछले तीन महीने से बार-बार मिर्गी के दौरे आने की समस्या थी। बायोप्सी में पता चला कि उसको ग्रेड-2 का ट्यूमर है, यह ट्यूमर स्पीच वाले हिस्से में था। उन्हें कुछ अन्य अस्पतालों ने सर्जरी के लिए मना कर दिया, क्योंकि सर्जरी से उनके बोलने की क्षमता जा सकती थी और लकवा होने का खतरा भी था। फिर वे नारायणा हॉस्पिटल, आएं जहां सीनियर न्यूरो सर्जन और ब्रेन ट्यूमर सर्जरी एक्सपर्ट डॉ. के के बंसल ने सफलतापूर्वक ब्रेन ट्यूमर को मरीज के होश में रहते हुए निकाला। यह सर्जरी इसलिए भी चुनौतिपूर्ण थी, क्योंकि सर्जरी के दौरान छोटी सी गलती भी हो जाने पर मरीज बोलने की क्षमता खो सकता था।

हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ. के के बंसल ने बताया कि सामान्य ब्रेन ट्यूमर सर्जरी में मरीज को बेहोश कर दिया जाता है जिससे सर्जरी के दौरान उसके मस्तिष्क के स्पीच एरिया पर पड़ रहे प्रभाव पर निगरानी नहीं की जा सकती, लेकिन अवेक ब्रेन सर्जरी की तकनीक से मरीज की बोलने की क्षमता को सर्जरी के दौरान बार-बार जांचा जा सकता है। इस केस में मरीज को लगातार हनुमान चालीसा पढ़ने, सुनाने और गाने के लिए कहा जाता रहा। उसकी तुरंत प्रतिक्रिया से हमें सर्जरी को सुरक्षित रूप से अंजाम देने में सहायता मिली, क्योंकि जब भी हम गलत हिस्से को छेड़ते थे तो मरीज को स्पीच अरेस्ट हो जाता था। तीन घंटे तक चली इस सर्जरी में अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया गया और विशेष डाई इंजेक्ट किए गए जो ट्यूमर को मार्क करने में मदद करता है । सर्जरी के बाद 72 घंटे के अंदर डिस्चार्ज किया गया और अब वह सामान्य है।