जयपुर: बच्चियों से रेप करने वाला साइको क्रिमिनल को पुलिस ने पकड़ा

न्यूज 24 ब्यूरो, केजे श्रीवत्सन, जयपुर(7 जुलाई):  मौत का कहर, ये शायद फिल्मों में आपने सुना होगा। लेकिन शास्त्री नगर मामले में अपराधी अपनी डायरी के पहले पन्ने पर ये लिखा है। इस डायरी में कवर पर एक महिला का चित्र बनाया गया है, तो अंतिम पेज पर खुद सिकंदर लिखा चित्र। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद आरोपी को कोटा से गिरफ्तार कर लिया है। हम कर रहे है ऐसे अपराधी की जो कि किस कदर साइको था कि छोटी बच्चियों से अपनी हवस बुझाता था।

आरोपी जयपुर में नाई की थड़ी का रहने वाला है। आरोपी का कोई परिवार नहीं है और खानाबदोश जीवन जी रहा है। आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और कई बार पहले भी जेल जा चुका है। शास्त्री नगर में 7 साल की एक मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कोटा चला गया था पुलिस उसकी गतिविधियों पर नज़र रखे हुए थी। कोटा में बाबू चाय वाले के पास उसका आना जाना था। जब आरोपी बाबू चाय वाले से मिलने गया पुलिस ने उसको कोटा में दबोच लिया। खुद आरोपी ने माना कि वह आपराधिक प्रवर्ति का है और पूर्व में ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

भट्टा बस्ती थाने के हैडकांस्टेबल दिनेश यादव ने सबसे पहले लीड दी कि इसी तरह की वारदात मुरलीपुरा इलाके में हुई थी। भट्टा बस्ती इलाके में घटना के आसपास सिंकदर उफ जीवाणु को देखा गया था। अब तक कि जांच में सामने आया है कि आरोपी जीवाणु ने 17 जनवरी 2011 को एक बच्चे को अगवा कर दुष्कर्म किया। उसकी हत्या कर पानी की टँकी में फेंक दिया। उम्र कैद की सजा हुई। 2015 में जेल से बाहर आया। इसके बाद फिर से वाहन चोरी की वारदातें की। एक बार पुलिस की हिरासत से भागने का प्रयास किया था। नवंबर 2017 में अंतिम वारदात इसी तरह की थी। जब पुलिस मौके पर पहुँची थी। तब पुलिस पर हमला किया था. ये खानाबदोश है। परिवार में कोई नही है। दोस्त भी नही है। कहीं भी सो जाता है। फिलहाल ये आरोपी नाई की थड़ी, आमेर में रह रहा था। वारदात के बाद bike के नम्बर बदल लिए था।शास्त्री नगर की दोनों बडी घटनाओं के जांच के दौरान  यह बात भी सामने आई कि सिकंरद उर्फ जीवाणु नाम के अपराधी ने 11 वर्ष के बालक के साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद पानी की टंकी मे डुबोकर मार दिया था। पुलिस ने यहां से पडताल शुरू की और फिर कमरे में रखी खिलौना पिस्तौल को पीडित बच्ची ने पहचाना तो, पुलिस को सही रास्ता मिल गया।

बहरहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और इस अपराधी के पकड़ने के साथी जयपुर पुलिस की एक बड़ी समस्या भी खत्म हो गई है क्योंकि इस मामले के कारण न केवल जयपुर में पिछले 5 दिनों से कर्फ्यू सा माहौल था बल्कि इंटरनेट सेवाओं को भी बंद करने की नौबत आ गई थी।