छोटी बच्ची और 100 करोड़ छोड़कर संन्यासी बनेगा ये जोड़ा

नई दिल्ली (18 सितंबर): दुनिया में हर शख्स ज्यादा से ज्यादा पैसा बनाने में लगा हुआ है, लेकिन मध्यप्रदेश में एक दंपति ने अपनी 100 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी त्यागकर जैन संन्यासी हाने का निर्णय किया है। यहीं नहीं इन दोनों की एक छोटी बेटी भी है।

नीमच के रहने वाले इस कपल को 23 सितंबर को साधुमार्गी जैन आचार्य रामलाल जी महाराज के मार्गदर्शन में गुजरात के सूरत शहर में दीक्षा दी जाएगी। नीमच के प्रतिष्ठित कारोबारी नाहरसिंह राठौर के पोते सुमित राठौर और गोल्डमेडल के साथ इंजिनियरिंग करने वाली उनकी पत्नी अनामिका के इस फैसले से हर कोई हैरान है। इनकी शादी चार साल पहले ही हुई है। इनकी दो साल 10 महीने की बेटी इभ्या भी है। परिवार के काफी समझाने के बावजूद युवा दंपती संन्यास लेने के अपने निर्णय पर अडिग है।

सूरत में पिछले 22 अगस्त को सुमित ने आचार्य रामलाल की सभा में खड़े होकर कह दिया कि मुझे संयम लेना है। प्रवचन खत्म होते ही हाथ से घड़ी और दूसरी चीजें खोलकर दूसरे व्यक्ति को दे दिए और आचार्य के पीछे चले गए। आचार्य ने दीक्षा लेने के पहले पत्नी की आज्ञा को जरूरी बताया। वहां मौजूद अनामिका ने दीक्षा की अनुमति देते हुए आचार्य से स्वयं भी दीक्षा लेने की इच्छा जाहिर की। इस पर आचार्य ने दोनों को दीक्षा लेने की सहमति दी।

इसके बाद दोनों के परिवार तुरंत सूरत पहुंच गए और दोनों को समझाया। आचार्य ने तीन साल की बेटी का हवाला देते हुए इस कपल को संन्यास की इजाजत नहीं दी। इससे पिछले महीने उनकी दीक्षा टल गई, लेकिन इसके बाद भी सुमित और अनामिका दोनों अपने संन्यास लेने के निर्णय पर अडिग रहे। अब आखिरकार राठौर दंपती 23 सितंबर को दीक्षा लेने जा रहे हैं।