जाधव मामले में पाकिस्तान को अब अपने ही वकील पर नहीं है भरोसा

इस्लामाबाद (31 मई): झूठ को कितनी भी साफगोई से क्यों ना पेश किया जाएगा। सत्य के सामने उसकी पराजय तय है। भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में पाकिस्तान से साथ भी यही हुआ। ICJ ने ना सिर्फ जाधव के फांसी पर तत्काल रोक लगा दी, बल्कि उसे जाधव के मामले भारत को तमाम जानकारियां मुहैया उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान अब अपनी इस हार को नहीं पचा पा रहा है।

पाकिस्तान ने  ICJ कुलभूषण जाधव मामले अपना पक्ष रखने वाले वकील खावर कुरैशी को हटाने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक कुलभूषण जाधव मामले पर अब पाकिस्तान सरकार अपने अटॉर्नी जनरल के साथ अंतराष्ट्रीय कोर्ट में उतरेगी। पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ अली कोर्ट में वकीलों के डेलीगेशन को लीड करेंगे। अटॉर्नी जनरल आगे की कार्यवाहियों पर चर्चा के लिए ICJ के प्रमुख से मुलाकात करेंगे।

पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल 8 जून को हेग स्थित ICJ में टीम का अगुआई करेंगे। इस दौरान वो भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में ICJ प्रमुख से मिलेंगे। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा मामले की संसदीय समिति की मंगलवार को बैठक हुई. इस बैठक में जाधव मामले पर पाकिस्तान की रणनीति की चर्चा के लिए अटॉर्नी जनरल को हेग भेजने का फैसला किया है।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से कार्यवाहक जज की मांग कर सकता है। दरअसल, ICJ में प्रावधान है कि अगर किसी मामले की सुनवाई करने वाली पीठ में अपने देश की नागरिकता वाला जज शामिल न हो, तो कोर्ट किसी व्यक्ति को कार्यवाहक जज के रूप में बैठने के लिए चुन सकता है।