ICJ ने जाधव की सजा पर लगाई रोक, 15 मई को मामले की सुनवाई

नई दिल्ली (10 मई): भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय अदालत यानी ICJ ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर की सजा पर रोक लगा दी है। इसे भारत की पाकिस्तान पर बड़ी कूटनीतिक जीत बताई जा रही है। जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कथित जासूसी के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है। भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ इस अदालत में 8 मई को अपील की थी, जिस पर अब 15 मई को सुनवाई होगी।


अंतरराष्ट्रीय अदालत की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत ने इस मामले में पाकिस्तान पर वियेना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया था। भारत की ओर से दायर अपील में यह भी बताया गया था कि कुलभूषण जाधव को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और ना ही उन्हें भारत के उच्चायोग अधिकारियों से मिलने की इजाजत दी गई।


बताया जाता है कि ICJ के अध्यक्ष रोनी अब्राहम ने पाकिस्तान सरकार को एक पत्र लिख कर कहा है कि वह इस तरह कार्रवाई करे, जिससे इस मामले में जारी होने वाले अदालत के किसी आदेश का क्रियान्वयन संभव हो सके। ICJ से की गई अपील में भारत ने पाकिस्तान पर राजनयिक संबंधों पर वियेना सम्मेलन के भीषण उल्लंघन का आरोप लगाया है और इस बात पर जोर दिया है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था। जाधव भारतीय नौसेना से रिटायर्ड होने के बाद ईरान में बिजनेस के सिलसिले में गए हुए थे। हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने 3 मार्च, 2016 को बलुचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया। भारत की अपील पर ICJ ने जाधव को मिली फांसी की सजा की तामील पर स्थगन लगा दिया है।