J&K में राज्यपाल ने विधानसभा भंग की, सरकार बनाने की संभावना हुई खत्म

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21नवंबर): जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आज विधानसभा भंग कर दी है। इसके साथ ही अब यह साफ हो गया है कि राज्य में नए सिरे से चुनाव होंगे। बता दें कि आज ही पीडीपी ने राज्यपाल को 56 विधायकों के समर्थन की चिट्टी लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके तुरंत बाद पीडीपी के बागी विधायक इमरान अंसारी, सज्जाद लोन ने भी सरकार बनाने के चिट्ठी लिखने का दावा किया था। लेकिन राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर पीडीपी के राज्य में सरकार बनाने के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया।  

इससे पहले जम्मू और कश्मीर में PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश करने की बात कही है। बुधवार शाम को उन्होंने ट्वीट कर गवर्नर को भेजे पत्र को भी साझा किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'यह पत्र राजभवन भेजने की कोशिश की जा रही है। आश्चर्यजनक रूप से अभी फैक्स रिसीव नहीं हुआ है। गवर्नर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है आपसे (गवर्नर) जल्द मुलाकात होगी।'


गवर्नर को भेजे खत में पीडीपी चीफ ने लिखा है, 'जैसा कि आपको पता है पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी राज्य की विधानसभा में 29 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। आपको मीडिया रिपोर्टों से पता चल गया होगा कि कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रैंस ने राज्य में सरकार बनाने के लिए हमारी पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है।'

इससे पहले जम्मू और कश्मीर में बुधवार को सियासी गलियारों में काफी गहमागहमी देखी गई। पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (PDP), नैशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के नेताओं के बीच ताबड़तोड़ बैठकों के चलते राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गईं। इन बैठकों के जरिए राज्य में नई सरकार बनाने के लिए गठबंधन तैयार करने पर बात हुई। CPM के वरिष्ठ नेता एमवाई तारीगामी ने NC उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से यहां मुलाकात कर नई सरकार के गठन की संभावनाएं तलाशी, जिसमें पीडीपी सरकार को बाहर से समर्थन दिया जाए।  

मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीडीपी के सरकार बनाने पर NC उसे बाहर से समर्थन देना चाहती है लेकिन वह विधानसभा को जल्द भंग कर आखिर में चुनाव के पक्ष में है। आपको बता दें कि राज्य में विधानसभा निलंबित चल रही है और 19 जून से यहां राज्यपाल शासन लगा हुआ है। सूत्र ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, ‘इसका मकसद राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करना है जिससे एक निर्वाचित सरकार आ सके और राज्यपाल शासन की वजह से पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता को खत्म किया जा सके।’

सूत्र ने बताया कि आनेवाले दिनों में राज्य में नई सरकार के गठन की की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सैद्धांतिक रूप से किसी भी गठबंधन को समर्थन देगी जो सांप्रदायिक शक्तियों को दूर रखे। हालांकि पीडीपी या किसी अन्य दल को लेकर कोई निर्णय नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि अगर पीडीपी-एनसी गठबंधन बनता है तो पीडीपी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अलताफ बुखारी सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं।