क्या भारत मैक्सिको जैसी सीमा पर बना सकता है दीवार?

नई दिल्ली ( 29 जनवरी ): अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैक्सिको से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सीमा पर दीवार निर्माण कराना चाहते हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत भी अवैध घुसपैठ रोकने के लिए यह काम कर सकता है। भारत इन दिनों अपनी पश्चिमी सीमा को पूरी तरह से सील करने की तैयारी तो कर रहा है, लेकिन इसके लिए कंक्रीट की दीवार उसकी प्राथमिकता नहीं। वह ड्रोन, कैमरा, लेजर वॉल, सैटलाइट इमेज, थर्मल इमेज और सेंसर जैसी तकनीकों का सहारा ले रहा है।

गृह मंत्रालय की योजना है कि अगले साल दिसंबर तक पूरे भारत-पाक बॉर्डर को सील कर दिया जाए। मंत्रालय ने गुरदासपुर और पठानकोट अटैक के बाद मधुकर गुप्ता कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी ने सीमाओं पर गैप के बारे में गौर किया था। माना जा रहा है कि इस कमिटी की रिपोर्ट के मुताबिक ही सरकार बॉर्डर को सील करना चाहती है।

पश्चिमी बॉर्डर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसे सील करने का काम कंक्रीट की दीवार से नामुमकिन है। कई इलाकों में तो कंटीली बाड़ भी लगाना मुश्किल है। पंजाब के इलाके में तो मैदान है, लेकिन गुजरात में दलदली जमीन है, राजस्थान में मरुभूमि है, जम्मू-कश्मीर का इलाका ऊंचे पहाड़ों, जंगलों, नदियों और नालों से भरा हुआ है। इन भौगोलिक स्थितियों में कई जगह कोई भी निर्माण कार्य बेहद मुश्किल है।

बाड़बंदी को लेकर कई और मुश्किलें हैं। इस इलाके में सरकारी मशीनरी से काम कराने की बाध्यता है, जो खर्चीला और देरी वाला साबित होता है। जमीन के अधिग्रहण और बॉर्डर की चौकियों को रोड से जोड़ने में भी भारी आर्थिक खर्च है। बॉर्डर के करीब रहने वाले लोगों के बीच संपर्क और व्यापार पर रोक पर भी सवाल उठाया जाता है। हालांकि यह संपर्क और व्यापार बेहद कम है, लेकिन इस बात की वकालत की जाती रही है कि इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जाना चाहिए।

सीमा के जिन इलाकों में निर्माण मुश्किल है, वहां आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट्स आती रही हैं कि भारत बॉर्डर को सील करने में इस्राइली विशेषज्ञों की मदद ले रहा है। हालांकि कई और विदेशी कंपनियां यह सिस्टम लगाने में दिलचस्पी रखती हैं। बॉर्डर सिक्यॉरिटी फोर्स के अफसरों का कहना है कि लेजर वॉल के साथ सर्विलांस रेडार, सैटलाइट इमेज, थर्मल गैजट आदि के मिले-जुले इस्तेमाल से गश्त की जरूरत कम होगी।