6.2 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से दहला इटली, 38 की मौत... जानिए- क्यों बार बार आते हैं भूकंप?

नई दिल्ली (24 अगस्त): इटली के मध्य हिस्से में बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंप की वजह से 38 लोगों की मौत हो गई। लगभग 150 लोग लापता हैं और माना जा रहा है कि इनमें से कई मलबे में फंसे हुए हैं। कम के कम 3000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। सेंट्रल इटली के पेरुगिया में करीब 5 टाउन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई फैक्ट्रियां और इमारतें ढह गई हैं। स्थानीय समयानुसार भूकंप सुबह 3.30 मिनट पर आया और करीब 20 सेकंड तक महसूस किया गया। यूरोपीय भूमध्य भूकंप केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र रोम के उत्तर पूर्व में रेटी के पास था। केंद्र जमीन के 10 किमी अंदर था।

- मध्य इटली में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान। - मध्य इटली में एक बार आए भूकंप का असर रोम तक महसूस किया गया था।  - एक्यूमोली, एमाट्रिस, पोस्टा और आरक्वाटा दे ट्रोन्टो और कारी टाउन करीब-करीब आधे खत्म हो गए। - एमाट्रिस टाउन के मेयर सेर्गियो पिरोजी ने एक चैनल पर बताया कि भूकंप से शहर तबाह हो गया है।  - एमाट्रिस को जोड़ने वाली सभी सड़कें तबाह हो गई हैं, करीब आधा शहर मलबे में बदल गया है।  - कई लोग मलबे में दबे हुए हैं लैंडस्लाइड भी हुआ है और एक ब्रिज किसी भी वक्त गिर सकता है। - यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक भूकंप काफी शक्तिशाली था। - भूकंप केंद्र पेरुगिया शहर के पास 10 किमी जमीन के नीचे था। - इटली के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। - 2009 में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 300 लोगों की मौत हो गई थी।

6 अप्रैल के बाद आया यह भूकंप काफी असरदार था, हालांकि रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.8 आंकी गई। इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स एंड वल्केनोलॉजी के प्रमुख ने इससे पहले कहा था कि पिछले सप्ताह भूकंप आने के बाद से अब तक 10,000 झटके इलाके में महसूस किए गए हैं। उन्होंने संभावना जताई कि अभी लगभग 1000 और झटके आएंगे।

क्यों आता है भूकंप...

पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करती है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर के प्रकट होती है।

भूकंप के कारण- भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यत: गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन, और नाभिकीय परिक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।

कैसे मापा जाता है भूकंप को- भूकंप का रिकार्ड एक सिस्मोमीटर के साथ रखा जाता है, जो सिस्मोग्राफ भी कहलाता है। भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है, या संबंधित और अप्रचलित रिक्टर परिमाण लिया जाता है। 3 या कम परिमाण की रिक्टर तीव्रता का भूकंप अक्सर इम्परसेप्टीबल होता है और 7 रिक्टर की तीव्रता का भूकंप बड़े क्षेत्रों में गंभीर क्षति का कारण होता है। झटकों की तीव्रता का मापन विकसित मरकैली पैमाने पर किया जाता है।

क्या होता है प्रभाव- भूकंप से जान, माल की हानि, मूलभूत आवश्यकताओं की कमी होती है। इमारतों व बांध, पुल, नाभिकीय ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचता है। भूस्खलन व हिम स्खलन होता है, जो पहाड़ी व पर्वतीय इलाकों में क्षति का कारण हो सकता है। विद्युत लाइन के टूट जाने से आग लग सकती है। समुद्र के भीतर भूकंप से सुनामी आ सकता है। भूकंप से क्षतिग्रस्त बांध के कारण बाढ़ आ सकती है।

भूकंप के वक्त क्या करें... - भूकंप के समय बिना घबराए नहीं सुरक्षित स्थान तक पहुंचें, हड़बड़ाहट घातक साबित होती है।  - घर के अंदर हैं तो ऊपर से गिर सकने वाले भारी सामान से दूरी बनाए रखें।  - कमरे के किसी भी कोने में या दरवाजे की चौखट के नीचे शरण लें। - झटके बंद होते ही खुले व सुरक्षित स्थान की तरफ जाएं।  - घर के बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों, खंभों व बिजली की तारों से दूर खुले स्थान में जाएं।  - वाहन में हों तो वाहन रोक लें और अंदर ही रहें।

क्या करें तैयारी... - भूकंप अवरोधी तकनीक के मकान बनाएं, इससे खर्च नाममात्र ही बढ़ेगा, लेकिन भूकंप से सुरक्षा बहुत अधिक मिलेगी।  - घर में एक सुनिश्चित स्थान पर हर समय फर्स्ट एड किट, टार्च, रेडियो व कई दिन तक खाया जा सकने वाला खाना रखें, यह आपदा में काम आएगा।  - भूकंप के समय बाहरी मदद पहुंचने में देर लग सकती है, इसलिए सांसें चलती रखने के लिए हड़बड़ाहट न करें, इससे एनर्जी खत्म होगी। -समय-समय पर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें व पूर्वाभ्यास करें। -आपदा की किट बनाएं जिसमें रेडियो, जरूरी कागज, मोबाइल, टार्च, माचिस, मोमबत्ती, चप्पल, कुछ रुपये व जरूरी दवाएं रखें।

ये हैं दुनिया में आए बड़े भूकंप...

25 अप्रैल 2015- नेपाल में आया 8.1 तीव्रता का भूकम्प था, 8000 से अधिक मौते हुई हैं 2000 से अधिक घायल हुए हैं, 20 लाख लोग बेघर हुए। 8  नवंबर  2012-  ग्वाटेमाला में 7.4 तीव्रता का भूकंप  इसमे 250 से ज्यादा लोग मारे गए। जबकि करीब 12 लाख लोग प्रभावित हुए । 23 अक्टूबर 2011- तुर्की के पूर्वी हिस्सों में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया ,  जिसमे 1000 ज्यादा लोग मारे गए । 18 सितंबर 2011- भारत के सिक्किम में 6.8 की तीव्रता वाली भूकंप आयी,इसमे 100 से ज्यादा लोग मारे गए और हज़ारों लोग घायल हुए । 11 मार्च 2011- जापान के उत्तर तट पर 8.8 रिक्टर  पैमाने का भूकंप आया । 14 अप्रैल 2010 : चीन के चिंघाई में आए रिक्टर स्केल पर 6.9 की तीव्रता वाली भूकंप आयी,इसमे 600 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हुए । 27 मई 2006- इंडोनेशिया के योगजकार्ता में आए भूकंप में छह हजार लोग मारे गए और 15 लाख बेघर हो गए। 8 अक्तूबर 2005-  पाकिस्तान में 7.6 तीव्रता वाला भीषण भूकंप आया, जिसमें करीब 75 हजार लोग मारे गए. करीब 35 लाख लोग बेघर हुए।   26 दिसंबर 2004- भूकंप के कारण उत्पन्न सूनामी लहरों ने एशिया में हजारों लोगों की जान ले ली थी, इस भूकंप की तीव्रता 8.9 मापी गई थी। 26 दिसंबर 2003- दक्षिणी ईरान में आए भूकंप में 26 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। 21 मई 2003-  अल्जीरिया में बड़ा भूकंप आया, इसमें 2 हजार लोगों की मौत हो गई थी और 8 हजार से अधिक लोग घायल हुए थे। 24 फरवरी 2003- पश्चिमी चीन में आए भूकंप में 260 लोग मारे गए और 10 हज़ार से अधिक लोग बेघर हो गए। 25 मार्च 2002- अफगानिस्तान के उत्तरी इलाके में भूकंप मे 800 लोगों की मौत। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6 थी।  13 फरवरी 2001- अल साल्वाडोर में दूसरे बड़े भूकंप की वजह से 300 लोग मारे गए। इस भूकंप को रिक्टर स्केल पर 6.6 मापा गया। 26 जनवरी 2001- गुजरात में 7.9 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। इसमें 30 हजार लोग मारे गए और करीब 10 लाख लोग बेघर हो गए।  13 जनवरी 2001- अल साल्वाडोर में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया। 700 से भी अधिक लोग मारे गए। मार्च 1999- भारत के उत्तर काशी और चमोली में दो भूकंप आए और इनमें 100 से अधिक लोग मारे गए। जनवरी 1999- कोलंबिया के आर्मेनिया शहर में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें करीब 1 हजार लोग मारे गए। जुलाई 1998- न्यू पापुआ गिनी के उत्तरी-पश्चिमी तट पर आए भूकंप से बनी लहरों ने तबाही मचा दी। इसमें 1 हजार से भी अधिक लोग मारे गए। मई 1998- उत्तरी अफगानिस्तान में एक बड़ा भूकंप आया, इसमें चार हजार लोग मारे गए। फरवरी 1997- उत्तर-पश्चिमी ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का एक भूकंप आया, जिसकी वजह से एक हजार लोग मारे गए।  मई 1995- रूस के सुदूर पूर्वी द्वीप सखालीन में 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी वजह से करीब 2 हजार लोगों की मौत हो गई। जनवरी 1995- जापान के कोबे शहर में शक्तिशाली भूकंप में 6 हजार चार सौ तीस लोग मारे गए। जून 1994- कोलंबिया में आए भूकंप में करीब 1 हजार लोग मारे गए। दिसंबर 1988- उत्तर-पश्चिमी आर्मेनिया में रिक्टर स्केल पर 6.9 तीव्रता के एक भूकंप ने 25 हजार लोगों की जान ले ली? सितंबर 1985- मैक्सिको शहर एक शक्तिशाली भूकंप से बुरी तरह से हिल गया। इसमें बड़ी इमारतें तबाह हो गईं और 10 हजार से अधिक लोग मारे गए। 1980- इटली के दक्षिणी हिस्से में आए भूकंप की वजह से सैंकड़ों लोग मारे गए। 1976- चीन का तांगशान शहर भूकंप की वजह से मिट्टी में मिल गया, इसमें 5 लाख से अधिक लोग मारे गए। 1960- दुनिया में अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप चिली में आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 9.5 दर्ज की गई।