ब्लैक मनी वालों पर चाबुक चलना शुरु- संदिग्ध जमाकर्ताओं से पूछताछ शुरु

नई दिल्ली (25 जनवरी): इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने संदिग्ध बैंक डिपॉजिट को लेकर प्रश्न पूछने शुरू कर दिए हैं। इनमें को-ऑपरेटिव बैंकों में किए गए डिपॉजिट भी शामिल हैं। डिपार्टमेंट ने अधिकतर मामलों में इनकम के सोर्स और अकाउंट होल्डर की पहचान से जुड़े सबूत मांगे हैं। ए 'पहले राउंड में डिपार्टमेंट उन बैंक अकाउंट्स पर फोकस कर रहा है, जिनमें केवाईसी रूल्स का पालन नहीं हुआ है या जिनमें कैश डिपॉजिट व्यक्ति की इनकम से मेल नहीं खाते।'

डिपार्टमेंट ई-प्लैटफॉर्म के जरिए भी सवाल पूछ रहा है। ऐसे लोगों से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जा रहा है जिन्होंने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद बड़ी रकम अकाउंट्स में जमा की है। पहले राउंड में डिपार्टमेंट केवल उन बैंक अकाउंट्स के संबंध में जानकारी ले रहा है, जो संदिग्ध लग रहे हैं। ऐसे अकाउंट्स को लेकर प्रश्न पूछे जा रहे हैं जिनमें नोटबंदी के बाद कम से कम 10 लाख रुपये जमा किए गए हैं।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से ई-प्लैटफॉर्म के जरिए पूछे जा रहे प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन देने होंगे। इनकम टैक्स अधिकारी कुछ मामलों में अकाउंट होल्डर्स से पैन और आधार कार्ड की स्कैन्ड कॉपी जमा करने के लिए कह रहे हैं। अगर किसी डिपॉजिटर के पास पैन नहीं है तो उसे पहले पैन हासिल करना होगा और उसके बाद ही वह जवाब देने के लिए सिस्टम में लॉग-इन कर सकेगा।