छटनी से बचने के लिए पनगढ़िया ने नारायण मूर्ति के फॉर्मूले का किया समर्थन

नई दिल्ली (2 जून): आईटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर छटनी की खबर से न सिर्फ इस सेक्टर से जुड़े कर्मचारी और कंपनियों की परेशानी बढ़ा दी है बल्कि इसने सरकार की भी मुश्किलें बढ़ा दी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इससे निपटने के लिए देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के सुझावों का समर्थन किया है। उन्होंने ने कहा कि अगर सीनियर्स अपनी सेलरी कम करते हैं तो इससे बड़े पैमाने पर जूनियर लेवल के कर्मचारियों की छटनी के खतरे से निपटा जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसका फैसला संबंधित कंपनी और कर्मचारियों को करना है।

आपको बता दे कि इससे पहले  देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा था कि आईटी कंपनियां नवयुवकों को नौकरी छंटनी से बचा सकती हैं अगर उन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी में कुछ कटौती की जाए। साथ ही मूर्ति ने कहा कि आईटी इंडस्ट्री के सामने पहले इस तरह की चुनौतियां आ चुकी हैं और उन्हें इनसे अच्छे से निपटना आता है। मूर्ति ने कहा उन्हें इस बात पर कोई संशय नहीं है कि सभी इंडस्ट्री लीडर एक अच्छी भावना के साथ छटनी की समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कई स्मार्ट लीडर हैं और वे इसका समस्या का हल निकाल सकते हैं।