आयकर विभाग को बड़ी कामयाबी, एक लाख करोड़ रुपए का बेनामी लेनदेन पकड़ा

नई दिल्ली (3 मई): आयकर विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में तीन लाख ऐसे लेनदेन का पता लगाया है जिनकी सूचना विभाग को नहीं दी गई थी। इंकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक इन तीन लाख ट्रांजेक्शनों के जरिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। ये लेन-देन वित्तिय वर्ष 2017-18 के बीच किया गया है। 

इन गैरसूचित लेन-देन की पड़ताल खुफिया निदेशालय और आयकर विभाग के अंतर्गत आने वाले आपराधिक जांच विभाग ने की है। खुफिया विभाग और आपराधिक जांच विभाग ने संयुक्त ऑपरेशन के जरिए ऐसे को-ऑपरेटिव बैंक, एनबीएफसी, अधिकृत डीलर, फोरेन एक्सचैंज डीलर्स, सब-रजिस्ट्रार, ज्वैलर्स और अस्पतालों में आठ सौ से भी ज्यादा सर्वे किए थे।

विभाग को पहले फर्जी लेन देन का संदेह था जिसके बाद इन संस्थानों पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 285 बी ए के तहत 'उच्च मूल्य लेनदेन' के आधार पर आयकर की खुफिया और आपराधिक जांच विभाग निदेशालय ने इन्हें रिपोर्ट किया और सर्वे और काफी गहराई से की गई जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

इस सर्वेक्षण के बाद आईटी विभाग ने खुलासा करते हुए कहा कि वित्तिय वर्ष 2017-18 में गैर सूचित या फर्जी तरीके से होने वाले लेनदेन की संख्या 3 लाख से भी ज्यादा है जो कि साल 2016-17 की तुलना में तीन गुना अधिक है। वहीं इनके जरिए 1 लाख करोड़ रुपये का ट्राजेंक्शन किया गया है।