नोटबंदी के दौरान 3 लाख से 5 लाख रुपए के बीच जमा कराने वालों से भी होगी पूछताछ

नई दिल्ली ( 3 फरवरी ): नोटबंदी के दौरान 18 लाख लोगों ने बेहिसाबी 4.7 लाख करोड़ रुपए डिपॉजिट किए। सेंट्रल बोर्ड फॉर डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के चेयरमैन ने कहा कि इनमें से 13 लाख लोगों को ई-मेल और एसएमएस भेजकर डिपॉजिट की जानकारी मांगी गई है। बता दें कि ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स पेयर्स को नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट का ई-वेरिफिकेशन करने को कहा है।इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटबंदी के बाद संदिग्ध कैश जमा करने वाले 18 लाख लोगों की पहचान की है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने 5 लाख रुपए से ज्यादा कैश जमा किया है। डिपार्टमेंट ऐसे लोगों को ईमेल और एसएमएस भेजकर उनके पैसे के स्रोतों के बारे में क्लैरिफिकेशन मांगेगा। 10 दिन के भीतर जवाब नहीं देने या उनके जवाब से असंतुष्ट रहने पर टैक्स डिपार्टमेंट उन्हें नोटिस जारी करेगा।वहीं सीबीडीटी के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा कि पहले चरण में हम उन लोगों के डाटा खंगालेंगे, जिन्होंने 8 नवंबर के बाद 5 लाख रुपए या इससे ज्यादा कैश जमा किया। उसके बाद 3 लाख रुपए से 5 लाख रुपए के बीच संदिग्ध नेचर का कैश जमा किया और उनका कर अनुपालन का रिकॉर्ड खराब रहा है। शुरुआत में इसके तहत 18 लाख टैक्सपेयर्स आएंगे, जिनके डाटा ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इन लोगों को जवाब दाखिल करते समय कर डिपार्टमेंट को ड़िपॉजिट्स के स्रोतों के बारे में बताना होगा।