इनकम टैक्स की रडार पर 9 लाख लोग, ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत नहीं दिया जवाब

नई दिल्ली (16 फरवरी): नोटबंदी के दौरान 18 लाख लोगों ने अपने खाते में 5 लाख रुपये से ज्यादा का रकम जमा कराया था। ऐसे लोगों को इनकम टैक्स विभाग ने पिछले दिनों SMS और email भेजकर 15 फरवरी तक इन पैसे के बारे में जानकारी मांगी थी। लेकिन इनमें से करीब 9 लाख लोगों ने आयकर विभाग को अबतक कोई जबाव नहीं दिया है। लिहाजा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इनके खातों में जमा रकम को सांदिग्‍ध मान रहा है। हालांकि विभाग इनके खिलाफ कोई कदम 31 मार्च के बाद ही उठाएगा जब ब्‍लैक मनी को उजाकर करने वाली योजना ऑपरेशन क्लीन मनी बंद हो जाएगी।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक जिन लोगों ने इनकम टैक्स के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है उनके पास कानूनी जबाव हो सकता है वह रिटर्न में वि‍वरण देंगे। हलांकि जानकारों का कहना है कि साल 2016-17 में अचानक इनकम का बढ़ना भी शक के दायरे में आ सकता है और उसकी जांच हो सकती है।

बताया जा रहा है कि लोगों को भेजे गए एसएमएस और ईमेल का कोई कानूनी आधार नहीं है। लिहाजा विभाग 31 मार्च तक इंतजार करेगा और अघोषित आय को बताने की स्‍कीम प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना (पीएमजीकेवाई) के खत्‍म होने का इंतजार करेगा। इसके बाद इनकम टैक्‍स विभाग कदम उठाएगा। इस योजना के तहत लोग अपनी अघोषित कमाई की घोषणा कर सकते हैं।