इसरो की बड़ी छलांग, PSLV ने आठ उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

 

 नई दिल्ली(26 सितंबर): इसरो ने आठ उपग्रहों को अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करने के लिए पीएसएलवी-सी35 लॉन्च कर दिय।  इसरो का यह पहला बहुकक्षीय प्रक्षेपण है। भारत का प्रमुख प्रक्षेपण यान पीएसएलवी को देश के मौसम उपग्रह स्कैटसैट-1 और पांच अन्य देशों के उपग्रह सहित कुल आठ अलग-अलग उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करने के लिए लॉन्च कर दिया गया।  2 घंटे 15 मिनट की यह PSLV की सबसे लंबी उड़ान है।

- खास बात यह है कि इसरो के मुताबिक, यह पीएसएलवी का पहला मिशन है, जिसके तहत उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा।

- पीएसएलवी-सी35 सोमवार सुबह 9:12 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर के पहले प्रक्षेपण पैड से प्रक्षेपित किया गया।

- पीएसएलवी-सी35 अपने साथ 371 किलोग्राम वजन वाले स्कैटसैट-1 और सात अन्य उपग्रहों को ले जा रहा है जिनमें अमेरिका और कनाडा के भी उपग्रह हैं. इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी35 जिन आठ उपग्रहों को अपने साथ ले जा रहा है, उनका कुल वजन 675 किलोग्राम है।

- इसरो के अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया, 'शनिवार को उल्टी गिनती शुरू हो गई थी।.' कुमार ने बताया कि पीएसएलवीसी-35 उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करेगा। करीब 17 मिनट बाद स्कैटसैट-1 को पहले 730 किलोमीटर वाली पोलर सनसिन्क्रोनस ऑर्बिट (एसएसओ) में जारी किया जाएगा, जबकि बाकी को करीब दो घंटे के बाद 689 किलोमीटर वाली एक निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

- स्कैटसैट-1 के अलावा भारत के शैक्षणिक उपग्रहों - प्रथम और पीआईसैट - अल्जीरिया के अल्सैट-1बी, अल्सैट-2बी एवं अल्सैट-1एन और अमेरिका के पाथफाइंडर-1 एवं कनाडा के एनएलएस-19 को कक्षाओं में स्थापित किया जाएग।