सार्क देशों को भारत का 'आसमानी तोहफा', जानें खासियात

नई दिल्ली (5 मई): प्रधानमंत्री मोदी के वादे के मुताबिक भारत ने आज सार्क देशों को आसमानी तोहफा दिया है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी यानी ISRO दक्षिण एशिया संचार उपग्रह जीसैट-9 को लांच कर दिया है। इस सैटेलाइट यानी उपग्रह के प्रक्षेपण से दक्षिण एशियाई देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। 8 सार्क देशों में से सात भारत, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और मालदीव इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। पाकिस्तान ने यह कहते हुए इससे बाहर रहने का फैसला किया कि उसका अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम है। इस उपग्रह की लागत करीब 235 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया क्षेत्र के देशों को संचार और आपदा सहयोग मुहैया कराना है।

जीसैट-9 की खासियत...


- जीएसएटी-9 भारत के सात पड़ोसी देशों के बीच संचार में मददगार होगा। आठ दक्षेस देशों में से सात देश इस परियोजना का हिस्सा हैं।


- इस उपग्रह का उद्देश्य दक्षिण एशिया क्षेत्र के देशों के बीच सूचनाएं उपलब्ध कराना और आपदा प्रबंधन को मजबूत करना है।


- इस उपग्रह से हर देश को डीटीएच, वीसैट क्षमता और आपदा सूचना के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।


- इस उपग्रह की कीमत 235 करोड़ रुपये है, जबकि पूरी परियोजना पर 450 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह उपग्रह 12 साल तक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा।