मिशन कंप्लीट: PSLV C-35 ने सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किए सभी उपग्रह

हैदराबाद(26 सितंबर): भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी सी-35) ने तय समय करीब 2 घंटा 15 मिनट के बाद अपने साथ ले जाए गए सभी आठ सेटेलाइट को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। यह पहला मौका था जब पीएसएलवी ने इन सेटेलाइट्स को अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया है। 

- अपने सबसे लंबे सफर के लिए पीएसएलवी ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस स्टेशन से सुबह करीब 9:12 मिनट पर उड़ान भरी थी। उड़ान के महज 17 मिनट बाद ही भारत के सेटेलाइट SCATSAT-1 को कक्षा में स्थापित भी कर दिया गया। इसको धरती से करीब 730 किमी ऊपर कक्षा में स्थापित किया गया। इसके बाद अन्य सभी सेटेलाइट लाॅन्चिंग के करीब 2 घंटे 13 मिनट बाद कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दी गईं। इसरो की इस कामयाबी पर प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है।

- यह यान अपने साथ आठ उपग्रहों को लेकर गया था, जिसमें एक मौसम संबंधी और अन्य सात उपग्रह थे। पीएसएलवी के साथ भेजे जाने वाले पांच विदेशी उपग्रहों में अल्जीरिया के तीन उपग्रह थे। इसमें अल्जीरिया के अल्सैट-1 बी, अल्सैट-2 बी, अल्सैट-1 एन, कनाडा का 'एनएलएस-19' और अमेरिका का एक 'पाथफाइंडर' उपग्रह शामिल हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक इसके प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शनिवार सुबह 8.42 बजे आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा रॉकेट प्रक्षेपण स्थल पर शुरू हुई थी।