पहले था एक देश, 1947 के बाद बन गये दो कट्टर दुश्मन देश...सीमा पर होता ऐसा माजरा

नई दिल्ली (27 अप्रैल): इजरायल ने अधिकृत क्षेत्रों और मिस्र से जुड़ी अपनी जमीनी ‘टाबा’ सीमा सुरक्षा कारणो से बंद कर दी है। इजरायल के पीएम ऑफिस ने यह घोषणा की।  इजरायल की सीमा लेबनान, सीरिया, जॉर्डन, फिलीस्तीन के अलावा मिस्र से भी लगती है। ये सभी इजरायल के दुश्मन देश हैं।


- फिलीस्तीन और इजरायल के बीच विभाजन के समय से 1948 से ही जंग चली आ रही है।  

- संयुक्त राष्ट्र ने 30 नवंबर, 1947 में यहूदियों और अरबों के लिए विवाद वाले इलाके में बंटवारे की योजना को सहमति  दी थी।

- इस बंटवारे से कई मुस्लिम देश सहमत नहीं थे। इसके चलते 1967 में सऊदी अरब, जॉर्डन, सीरिया, ईराक, ईरान, इजिप्त, कुवैत और सूडान ने युद्ध छेड़ दिया था। हालांकि इस जंग में  न सिर्फ इजरायल की जीत हुई, बल्कि उसने गाजा पट्टी पर भी कब्जा कर लिया था।

- यही गाजा पट्टी इजरायल और फिलिस्तीन के बीच दुश्मनी का कारण है और इनके बीच तबसे ही खूनी जंग चली आ रही है। हालांकि, इसका सबसे ज्यादा खामियाजा फिलिस्तीन को ही  भुगतना पड़ा है।

- फिलिस्तीन से लगातार घुसपैठ के चलते इजरायल अपने बॉर्डर पर ऐसी दीवार खड़ी कर चुका है, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा होती है।

- यह इतनी मजबूत दीवार है कि दुश्मन इसे भेद नहीं सकता। इजरायल का दावा है कि इस दीवार बनने के बाद से आतंकवादी वारदातों में कमी आई है।

- सेंसर से लैस इस दीवार के निर्माण में दो बिलियन डॉलर यानि आज के हिसाब से 13,354 करोड़ रुपए लगे हैं।

- इस दीवार की लंबाई 700 किमी व ऊंचाई आठ से 10 मीटर है, जो कि अपने पूरे इलाके में ढेर सारी चेकपोस्टों से लैस है।

- दीवार की सुरक्षा के लिए इसे अत्याधुनिक सेंसरों, तकनीक और सीसीटीवी से भी जोड़ा गया है। इसके नीचे से सुरंग बनाना भी बहुत मुश्किल काम है।