ISOMES 'मंथन' में अन्ना ने की सीएम योगी की तारीफ, 'अपराध कम करने के लिए सही कदम उठाए'

नई दिल्ली(22 मार्च): बीएजी फिल्म एंड मीडिया लिमिटेड के मीडिया इंस्टीट्यूट आईसोम्स (ISOMES) के तीन दिवसीय फेस्ट मीडिया फेस्ट  'मंथन' का आयोजन हो रहा है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का आज पहला दिन है। इस कार्यक्रम में राजनीति, कला, खेल जैसे क्षेत्र के कई दिग्गज पहुंचेंगे। आयोजन के पहले दिन समाजसेवा अन्ना हजारे पहुंचे। 23 मार्च से दिल्ली में आंदोलन शुरु करने वाले अन्ना ने इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, योग गुरु बाबा रामदेव पर जमकर बोले। अन्ना इस दौरान छात्रों के कई सवालों का जवाब भी दिया।

इस दौरान अन्ना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने अच्छा काम किया है वह अच्छे मुख्यमंत्री हैं और अपराध को कम करने को लेकर उन्होंने अच्छे कदम उठाए हैं। अन्ना ने कहा कि हर पार्टी 4 साल तक अपने उम्मीदवारों को अध्यात्मक की ट्रेनिंग देनी चाहिए।

अन्ना हजारे ने और क्या कहा...

- पीएम ऑफिस से एक मंत्री मेरे पास पत्र लेकर गए कि आप आंदोलन ना करें। लेकिन मैंने कह दिया कि अभी आश्वासन पर कोई बात नहीं होगी

- पिछले 3 महीनों में 20 राज्यों में 40 टूर हो गए हैं। इतने दिनों में जेब से 100 रुपये खर्च नहीं हुआ है। मैं एमरजेंसी के लिए अपने पास 300 से 400 रुपये रखता हूं। किसी से कैश नहीं लेता। चेक, ड्राफ्ट या ऑनलाइन ही लोगों से लेता हूं 

- चरित्र में दाग नहीं लगना चाहिए। आचार और विचार को शुद्ध रखना चाहिए। हमारा आहार अच्छा होगा तो शरीर सही होगा

- 43 पत्र लिखने के बाद भी पीएम मोदी ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया

- बाबा रामदेव को भी एफिडेविट भरकर अपने साथ आंदोलन में आने की अनुमति दूंगा

-  मैं अपने किसी आंदोलन में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आने की अनुमति नहीं दूंगा 

- राम मंदिर के सवाल पर बोले अन्ना हजारे- मंदिर तो ईंट और पत्थर से बनता है, लेकिन जब तक हमारे दिल में दुख और पीड़‍ितों के प्रति भावना नहीं होगी तब तक मंदिर का कोई उद्देश्य नहीं। देश में मंदिरों की कोई कमी नहीं है

- हर पार्टी 4 साल तक अपने उम्मीदवारों को अध्यात्मक की ट्रेनिंग देनी चाहिए। सीएम योगी अच्छे सीएम हैं और गुंडागर्दी को कम करने के लिए उनके द्वारा उठाया गया कदम सही है 

-केजरीवाल के आधे मंत्री तो भ्रष्टाचार से घर चले गए

- सरकारों में कुछ सीएम और मंत्री अच्छा काम करते हैं, लेकिन ऊपर बॉस बैठा है। इसलिए इच्छा होते हुए भी वह काम नहीं कर पाते हैं

- मैं किसी के बहकावे में नहीं आता हूं

- मनमोहन सिंह काफी अच्छे आदमी थे, लेकिन उन्होंने धारा 36 को कमजोर कर दिया। अब पीएम मोदी ने इसे और कमजोर कर दिया

- मोदी सरकार भी मनमोहन सरकार की तरह है। ये लाखों लोगों का बलिदान भूल गए। ये सभी सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता बनाने में लगे हैं

- पहले गलती करना और माफी मांगना यह सही नहीं है, यह दोष है। आपको गलती नहीं करनी चाहिए। इससे आपकी बदनामी ही होती है

- रात को 8 बजे बिना किसी को पूछे नोटबंदी कर दी, यह गलत फैसला था। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक भी नहीं कह र‍हा है कि कितना काला धन आया है। कोई बता नहीं रहा है कि नोटबंदी से क्या फायदा हुआ

- रिपोर्ट में भारत भ्रष्टाचार में पहले स्थान पर है, कहां कम हुआ भ्रष्टाचार

- मोदी सरकार ने किसानों के लिए कागज पर घोषणा की है, जमीन पर कोई काम नहीं हुआ है। अब दो दिन से उनके मंत्री आ रहे हैं कि आंदोलन मत करो। मैंने कह दिया कि आश्वासन नहीं दे, काम करें। 

- मेरा आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं है। मैं मोदी सरकार से मांग करता हूं कि आजादी के बाद भी लाखों किसानों ने आत्महत्या की। मेरी सरकार से मांग है कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले, इसके लिए कृषि मुल्य आयोग को संविधान का दर्जा दे दिया जाना चाहिए। 

- मैं 35 साल से आंदोलन करता आ रहा हूं। मैंने कभी किसी के पक्ष और विपक्ष में आंदोलन नहीं किया। 25 साल की उम्र में प्रण लिया था कि जब तक जिऊंगा समाज और देश के लिए आंदोलन करूंगा

- अब मैं सावधान हो गया हूं और अब मुझसे जुड़ने वाले लोगों से एफिडेविट लेकर ही अपने साथ जोड़ूंगा। अगर कोई धोखा करता है और उसे कोर्ट में खींचूगा 

- हमारे देश में काफी युवा हैं और अगर वह दिल से भ्रष्‍टाचार खत्म करने की सोच लें तो यह खत्म हो जाएगा। 

- मैं युवाओं की तरफ बहुत आशा से देखता हूं। अगर ये युवा जाग जाएं तो देश से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा।

- अभी भ्रष्‍टाचार खत्म नहीं हुआ है, इसीलिए मैं कल से आंदोलन करने जा रहा हूं।

- आज भी भ्रष्‍टाचार खत्म नहीं हुआ है। करोड़ों रुपये खर्च करके जो जागृति लोगों में नहीं आती, वो आ गई

- अन्ना के जीवन में जो आनंद है, वह सीएम और गवर्नर बनने वालों को नहीं मिलेगा

- केजरीवाल और किरण बेदी के दिल में क्या था, मुझे समझ में नहीं आया। मुझे नहीं पता था कि एक मुख्यमंत्री बनेगा और दूसरा गवर्नर बनेगा। इनके दिमाग में सस्ता घुस गई, लेकिन अन्ना उसी जगह है।