एक तरफ पाक से दोस्ती दूसरी ओर इस्लामोफोबिया को हवा दे रहा है चीन

नई दिल्ली (12 अप्रैल): इस्लामिक देश पाकिस्तान को लेकर चीन भले ही कितनी दोस्ती दिखाये लेकिन वास्तविकता तो यह है कि चीन में इन दिनों इस्लाम-विरोधी माहौल काफी फलता-फूलता दिख रहा है। मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के काफी गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय चीन में स्थित शहर नांगांग में जब एक मस्जिद बनने का प्रस्ताव पारित हुआ, तो यहां रहने वाले स्थानीय लोगों ने इसका काफी विरोध किया। 


लोगों ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर जाहिर की और बड़ी संख्या में लोग मुस्लिम-विरोधी संदेश पोस्ट करने लगे। यह मामला अपने आप में अकेला नहीं है। चीन में इन दिनों शहर में रहने वाला मध्यमवर्ग इस्लामोफोबिया का शिकार दिख रहा है। मालूम हो कि इस्लामोफोबिया उस विशेष स्थिति को दर्शाता है, जिसमें कोई व्यक्ति या समाज इस्लाम और इसके मानने वाले मुस्लिमों को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने लगते हैं। इतना ही नहीं, उनके लिए गलत भ्रांतियां बनाना और उनका विरोध करना भी इस्लामोफोबिया की एक खास आदत होती है। चीन में यह मामला काफी आगे जाता हुआ दिख रहा है। चीन सरकार ने मुसलमानों को दाढ़ी रखने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा वहां की मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अजान नहीं पढी जा सकती। चीन में रोजे रखने और धार्मिक गतिविधियों के आयोजन पर भी सरकारी तौर पर पाबंदी लगी हुई है।