IS के आए बुरे दिन, मछली बेचकर आतंकियों को सैलरी दे रहा

नई दिल्ली(29 अप्रैल): खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस इराक में मछली बेचकर और कार डीलरशिप से लाखों डॉलर कमा रहा है। तेल की कीमतें कम होने और तेल के ठिकाने हाथ से निकलने के चलते आईएस को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

इराकी ज्यूडिशियल अथॉरिटीज ने इसे कन्फर्म किया है। सिक्युरिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो कभी आईएसआईएस की सालाना इन्कम 2.9 बिलियन डॉलर थी। ये पैसा इराक और सीरिया में तेल और गैस की बिक्री से आता था।

अमेरिका की अगुवाई वाली सेनाओं ने आईएसआईएस के फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपने कब्जे में कर लिया। हाथ से ठिकाने निकल जाने से आईएसआईएस का तेल निकालने, रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट का बिजनेस खत्म हो गया है। इराक के सेंट्रल कोर्ट के जज जब्बार आबिद अल-हुकैमी के मुताबिक दो साल पहले जो आईएसआईएस के पैसे का सोर्स था, वो अब नहीं रहा। आईएसआईएस के दाश स्थित तेल के ठिकानों पर सेनाओं का कब्जा हो गया। इस हालत में भी उसे अपने आतंकियों के पैसे तो देना ही है। इसके चलते उसने दूसरे धंधे शुरू कर दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ बगदाद की कई झीलों में आईएसआईएस मछली पालन कर रहा है। इससे भी उसे लाखों डॉलर्स की कमाई हो रही है। इसके अलावा आईएसआईएस एग्रीकल्चरल लैंड पर 10% लेवी (टैक्स) भी लेता है। साथ ही आतंकी संगठन कार डीलरशिप और कुछ इराकी फैक्ट्रीज पर कब्जा कर भी पैसे बना रहा है। यूएस एनालिसिस फर्म आईएचएस की मानें तो आईएसआईएस के रेवेन्यू में एक तिहाई की गिरावट आई है। आईएसआईएस अपने आतंकियों को सैलरी हवाला के जरिए बांटता है। रिपोर्ट की मानें तो सैलरी के अलावा आतंकियों को रेंट अलाउंस और बोनस भी मिलता है।