पश्चिमी देशों पर डर्टी बम से जल्द हमला कर सकता है आईएस : रिपोर्ट

लंदन (19 फरवरी) : क्या आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) पश्चिमी देशों पर डर्टी बम हमले की तैयारी कर रहा है। अखबार डेली एक्सप्रेस ने यह दावा किया है। अखबार की रिपोर्ट में इराक के अधिकारियो के हवाले से ख़तरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ आईएस के हाथ लगने की आशंका जताई गई है। परमाणु पदार्थों और परंपरागत विस्फोटकों को मिलाकर डर्टी बम बनाया जाता है। यह परमाणु बम से ज्यादा खतरनाक रेडिएशन फैला सकता है।

ये रेडियोएक्टिव पदार्थ इराकी शहर बसरा के पास एक स्टोरेज सेंटर से चुराए जाने की बात कही गई है। ये रेडियो एक्टिव पदार्थ लैपटॉप कम्प्यूटर के साइज के सुरक्षित केस में रखा हुआ था। ये चोरी नवंबर में हुई थी लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है।

रिपोर्ट में इराकी अधिकारियो के हवाले से कहा गया है, हमें आशंका है कि रेडियोएक्टिव पदार्थ दाएश (आईएस का एक नाम) के हाथ लग गए हैं। वो इसे विस्फोटकों के साथ मिलाकर डर्टी बम बना सकते हैं।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि चोरी की खबर करीब तीन महीने बाद सामने आई है। इसका मतलब है कि आतंकी संगठन के विशेषज्ञ यह बम तैयार कर रहे होंगे या फिर तस्करी के जरिये यह यूरोप पहुंच गई होगी। यदि इस बम का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया तो खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रेडियोएक्टिव पदार्थ के आईएस या अन्य आतंकी संगठनों के हाथ लगने के कोई संकेत नहीं हैं।

इराकी पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार बीते साल नवंबर में रेडियोएक्टिव पदार्थ इरीडियम 192 चोरी हुआ था। इराकी शहर बसरा में लैपटॉप साइज के एक केस में एक पेट्रेलियम कंपनी ने इस पदार्थ को रखा हुआ था। चोरी हुए पदार्थ की मात्रा करीब 10 ग्राम है। गौरतलब है कि इरीडियम गामा किरणें छोड़ता है। पेट्रोलियम कंपनी ऑयल और गैस पाइपलाइन में खामियों का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। कैंसर के इलाज में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।