ISIS ने हजारों महिलाओं को मोसुल में बनाया है 'सेक्स गुलाम'

नई दिल्ली ( 14 नवंबर ) : इराक के मोसुल में ISIS और इराकी सेना के बीच जबरदस्त युद्ध जारी है। ISIS मोसुल में मानव ढाल बनाने के लिए मोसुल में अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं को लाया है। ISIS ने हजारों अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं को बंधक बनाए हुए है। यह जानकारी एक स्थानीय वेबसाइट ने एक प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता के हवाले से दी।

खबरों के मानवाधिकार कार्यकर्ता नादिया मुराद ने शुक्रवार को कहा, IS के आतंकियों के साथ सेक्स के लिए कुल 3,400 यजीदी महिलाएं और लड़कियां गुलाम बनी हुई हैं। मोसुल में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से कुछ ही महिलाएं भाग पाई हैं। नादिया ने कहा कि यजीदी परिवार अपनी महिलाओं और लड़कियों को IS के कब्जे से मुक्त कराने में मदद के लिए उन्हें फोन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, एक यजीदी मां ने मुझे कहा कि IS के कब्जे से उनकी 16 साल की बेटी को मुक्त कराने की कीमत 15,000 डॉलर है जितना वह भुगतान नहीं कर सकती हैं।

IS से बच कर आईं और इसके आतंकियों के हाथों यजीदी महिलाओं की दुर्दशा को दुनिया के सामने पेश करने के लिए इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित होने वाली नादिया मुराद ने कहा, यह असहनीय है। बताया जाता है कि IS मानव ढाल के साथ-साथ सेक्स गुलाम के रूप में इस्तेमाल करने के लिए यजीदी महिलाओं को मोसुल लाया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि IS के गढ़ वाले इलाकों में नागरिकों की पीड़ा असहनीय और स्तब्ध करने वाली है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस सप्ताह आईएस की तथाकथित अदालत ने देशद्रोह के कथित आरोप में 60 लोगों को फांसी दे दी। अन्य जुल्मों में उत्पीड़न, रासायनिक हमले, मानव ढाल के रूप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और महिलाओं और लड़कियों का यौन शोषण शामिल हैं