विदेश से लौटे ISIS जिहादी ने रची भारत में हमले की साज़िश

नई दिल्ली (6 अक्टूबर): तमिलनाडु के रहने वाले 31 साल के आईएसआईएस फाइटर सुभानी हाजा मोइदीन ने एक साल बाद भारत वापस आकर फिर रची आतंक की साज़िश। एनआईए सुबहानी हाजा मोईदीन को गिरफ्तार कर पुछताछ कर रही है। इस पुछताछ में मोइदीन ने अहम खुलासे किए हैं।

सोशल मीडिया के ज़रिए हुआ आईएसआईएस से प्रभावित... मोइदीन कुछ दो साल पहले सोशल मीडिया के ज़रिए आईएसआईएस के संपर्क में आया। उसके बाद उनके बहकावे में आकर पिछले साल अप्रैल में वो चेन्नई से वो इस्तांबुल गया। यहीं से शुरू हुई आतंक की कहानी। हांलाकी इसकी भनक उसने अपने परिजनों को नहीं लगने दी। उसने उन्हें बताया कि वो उमराह के लिए विदेश जा रहा है।

पाकिस्तानी और अफगानी साथियों के साथ की कॉम्बैट ट्रेनिंग... मोइदीन अपने ही जैसे अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तानी साथियों के साथ इस्तांबुल से इराक गया। वहां मौसूल में उसने ISIS के कैंप में शरिया और लड़ाकू ट्रेनिंग हासिल की। यहां उसी हाई टेक हथियारों के ट्रेनिंग भी दी गई। दो हफ्ते वो ISIS के तरफ से उसने युद्ध में हिस्सा लिया।

खून खराबे से त्रस्त होकर आया वापस... इस लड़ाई में हिस्सा लेने के लिए से उसे खाना पीना और 100 डॉलर प्रति महीना सैलरी भी मिलती थी। मगर युद्ध की बर्बरता और हिंसा देख वो ऊब गया व अपने ISIS के आकाओं को इसने छोड़ने के बात कही। जिसके बाद उसको काफी प्रताड़ित किया गया। सीरिया में इसके जैसे और कई विदेशी फाइटर थे जो छोड़कर भागना चाहते थे। उसकी तरह उनको भी टॉर्चर किया जाता।

घर वापस आकर भी नहीं सुधरा मोइदीन... मोइडीन ने फिर जैसे-तैसे कर के ISIS के चंगुल छोड़ इस्तांबुल में भारतीय दूतावास से संपर्क साधा और लगभग 6 महीने बाद सितंबर में घर वापस आया। वो तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में पिछले एक साल से रह रहा था। यहां एक जेवर की दुकान में नौकरी भी मिल गयी थे। मगर इसके बावजूद उसने ISIS के पुराने साथियों से संपर्क करना शुरू कर दिया। उनके आदेश पर वो भारत में आतंकी साजिशों को रचने लगा।

रच रहा था आतंकी हमले की साज़िश... मोइदीन ISIS के एजेंडे की तहत अपने जैसे युवाओं को जोड़ने के किए चेन्नई, कोयम्बटूर और बाकी कई जगह भी गया। मकसद था आतंक की घटना को अंजाम देने के लिए पैसा और बाकी सामान का बंदोबस्त करना।