अफगानिस्तान में सबसे बड़े हमले में अब तक ढेर हुए 90 ISIS आतंकी



नई दिल्ली(15 अप्रैल): अफगानिस्तान में आईएस के ठिकाने पर सबसे बड़ा गैर परमाणविक बम गिराने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने सेना को कार्रवाई के लिए पूरे अधिकार दे रखे हैं, इसलिए यह सफल कार्रवाई संभव हो पाई। गुरुवार रात हुई इस कार्रवाई में सुरंग में बना आइएस का ठिकाना तबाह हो गया और उसमें मौजूद 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है।


- पाकिस्तान सीमा के नजदीक नांगरहार प्रांत के अचिन जिले में स्थित आइएस (खोरसान) के ठिकाने पर अमेरिकी सेना ने 21,600 पाउंड का जीपीएस गाइडेड मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट बम (एमओएबी) गिराया।


- अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टंप के मुताबिक इस बम का पहली बार किसी लड़ाई में इस्तेमाल किया गया। यह अमेरिका का सबसे शक्तिशाली गैर परमाणविक बम है। इसकी शक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में सीरिया के शायरात एयरबेस पर जिन टॉमहॉक मिसाइलों से अमेरिका ने तबाही मचाई थी, उनके वारहेड में महज एक हजार पाउंड का बम लगा था। सबसे बड़े बम को एमसी-130 विमान से गिराया गया और पूरी कार्रवाई को एयरफोर्स की स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने अंजाम दिया।


- राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना की इस कार्रवाई को बहुत सफल करार दिया। कहा कि यह अमेरिका के लिए एक और सफलता वाला मुकाम है। इसके लिए हमें हमारी सेना पर गर्व है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, जिसे हम पूरी क्षमता से कार्रवाई करने का पूरा अधिकार देते हैं।


- व्हाइट हाउस में पत्रकारों से ट्रंप ने कहा, अगर आप पिछले आठ हफ्तों में हुए कार्यो की तुलना पिछले आठ सालों में हुए कार्यो से करेंगे, तो पाएंगे कि जबर्दस्त बदलाव आया है। पाएंगे कि सेना के आत्मविश्वास में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। ट्रंप ने कहा कि वह नहीं जानते हैं कि अफगानिस्तान में हुई कार्रवाई से किस तरह का संदेश उत्तर कोरिया को पहुंचा है। अगर वह कुछ नहीं समझ रहा तो यह उसकी समस्या है। ट्रंप ने माना कि उत्तर कोरिया के मसले पर चीन गंभीरता पूर्वक कठिन कार्य कर रहा है।