बांगलादेश हिंदू पुजारी की हत्याः ISIS ने कहा हिंदुओं पर पहला हमला

नई दिल्ली (23 फरवरी): इस्लामिक स्टेट ने दावा किया कि बांग्लादेश में भारत की सीमा से सटे एक मंदिर में  एक मुख्य पुजारी की नृशंस हत्या हिंदुओं के खिलाफ इस दुर्दांत संगठन का पहला हमला है। धार्मिक अल्पसंख्यक हिंदुओं पर ऐसे सिलसिलेवार हमलों के बीच यह दावा किया गया है।  सोनापोता गांव में 50 वर्षीय जनेश्वर रॉय की नृशंस हत्या  कर दी गयी थी।  इस हमले में दो श्रद्धालु भी घायल हो गये थे। आईएसआईएस के बयान में कहा गया है कि  खिलाफत के सैनिकों ने देवीगंज मंदिर के संस्थापक और प्रमुख पुजारी को खत्म कर दिया है। 

ऑनलाइन जिहादी गतिविधियों पर नजर रखने वाले समूह ने कहा कि आईएसआईएस से जुड़े अमाक न्यूज एजेंसी की एक विज्ञप्ति में आईएसआईएस ने जिम्मेदारी का दावा किया है। दावे की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं की जा सकती है।  जनेश्वर रॉय ने वर्ष 1998 में इस मंदिर की स्थापना की थी और तब से इसके प्रमुख और मुख्य पुजारी के तौर पर काम कर रहे थे। हिंदू पुजारी पर हमले का यह पहला और पिछले छह माह में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले का यह पांचवां मामला है जिसमें संदिग्ध इस्लामी आतंकवादियों द्वारा शिया मुसलमानों और उदार सूफी प्रचारकों पर किये गये हमलों की घटनाएं शामिल हैं। बांग्लादेश सरकार ने आईएसआईएस की मौजूदगी से अब भी इंकार किया है।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि इस हमले में प्रतिबंधित संगठन जमातुल मुज़ाहीदीन बांगलादेश के चरमपंथियों का हाथ है, न कि आईएसआईएस का। अमेरिका सहित कुछ विदेशी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जमातुल मुज़ाहीदीन बांगलादेश ही आईएसआईएस के लिए बांगलादेश में काम कर रहा है। चृूंकि ये घटना भारत सीमा के नज़दीक हुई है, इसलिए बांगलादेश से ज्यादा चिंता भारत सरकार को है।