IS ने 2 टीनएज लड़कियों की पत्थरों से मारकर ली जान

नई दिल्ली (27 फरवरी): सीरिया में दो टीन एज लड़कियों को व्यभिचार (एडल्टरी) के आरोप में पत्थरों से मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।

ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन लड़कियों की पहचान 17 वर्षीय हसना और 16 वर्षीय मदीहा के नाम से हुई है। इन दोनों को शरिया कोर्ट ने कथित तौर पर एक घर में दो पुरुषों के साथ पाए जाने के आरोप में मौत की सज़ा दी। हालांकि, दोनों पुरुषों को शारीरिक सज़ा देने के साथ छोड़ दिया गया।

इन दोनों को मौत की सज़ा पूर्वी शहर डीर एज़-जोर में मंगलवार को सैकड़ों लोगों के सामने दी गई। जबकि, अबू जुबैर अल इदलबी और माहेर हमीद नाम के दोनों पुरुषों को 50-50 कोड़े मारकर सज़ा दी गई। स्थानीय कार्यकर्ता अहमद रमज़ान ने बताया, "शरिया कोर्ट के फैसले पर डीर इज़-ज़ोर के निवासियों में नाराजगी फैल गई है। जिनका मानना है कि दोनों लड़कियों को पत्थरों से मारकर जान ले लेना, जबकि पुरुषों को केवल कोड़े मारकर छोड़ देना गलत है।"

शरिया कोर्ट ने एक बयान भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि लड़कियां एक घर में "दो अजनबियों के साथ" पाई गई थीं। सज़ा दिए जाने से पहले जांच की गई थी। गौरतलब है, पिछले हफ्ते भी 4 अन्य महिलाओं को इसी तरह के आरोप में मोसुल, इराक में पत्थरों से मार डाला गया था। इसमें शामिल पुरुषों को छोड़ दिए जाने की कोई जानकारी भी नहीं मिली है। कुर्दिश कार्यकर्ताओं के समर्थकों का दावा है कि महिलाओं का आईएस आतंकियों ने ही खुद बलात्कार किया था।