ISIS ने सेक्स स्लेब्स बना रखी हैं 16 साल से कम उम्र की यज़ीदी और ईसाई लड़कियां

नई दिल्ली(27मई): कुर्द-पेशमेरगा के साथ आईएसआईएस आतंकियों से लड़ने के लिए डेनमार्क से सीरिया पहुंची 23 साल की फाइटर जोआना पालानी ने बताया है  कि आईएसआईएस के आतंकियों ने अब भी 16 से कम उम्र की सैकड़ों लड़कियों को 'सेक्स स्लेब'बना रखा है। कुछ लडकियां को महज 11-12 साल की हैं। ये सभी लडकियां यज़ीदी या क्रिश्चियन हैं। एक साल तक सीरिया में आईएसआईएस आतंकियों को लोहे के चने चबाने के बाद जोआना वापस कोपेनहेगन आ गयी हैं और अब यहां पॉलिटिक्स और फिलोस्फी की स्टडी कर रही हैं।

वे 'ह्यूमन राइट्स फॉर ऑल पीपुल' के तहत सीरिया फ्रंट पर गयी और पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट,पेशमेरगा में शामिल हो गई थीं। जोआना का कहना है कि सीरिया में कुर्द डेमोक्रेसी और अपनी वैल्यूस के लिए लड़ रहे हैं। जोआना वहां लगातार खतरों का सामना करती रहीं।  उन्होंने बताया कि आईएसआईएस के आतंकी क्लोरीन गैस, बेरल बम और वैक्यूम बम से हमला करते हैं।

इंटरनेशनल लॉ के मुताबिक युद्ध में इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जोआना ने कहा कि सीरिया पहुंचने के बाद उन्होंने इस लड़ाई को सीरियसली नहीं लिया, लेकिन पहली ही रात को खतरे से सामना हो गया। उनके साथ जो दूसरा फाइटर था उसे आईएसआईएस के लड़ाकों ने गोली मार दी। उन आतंकियों ने उसकी सिगरेट को देखकर टारगेट बनाया और आंखों के बीच में गोली मार दी।

सीरिया में अपने अंतिम दिनों के दौरान जोआना उस बटालियन का हिस्सा थीं, जिसने मोसुल के नजदीक एक शहर को आजादी दिलाई थी। जोआना को यहां 16 साल से कम उम्र की कई लड़कियां मिलीं, जो एक घर में कैद थीं। इन्हें फिजिकल एब्यूज के लिए कैद किया गया था। जोआना ने बताया कि उन्हें हॉस्पिटल में 11 साल की सीरियन-क्रिश्चियन लड़की मिली। वो उसका हाथ पकड़े-पकड़े मर गई। क्यों कि उसका शरीर प्रजनन में अक्षम था। उसका चेहरा सूजा गया था। उसके गर्भ में ट्विंस थे।  

लड़की का इलाज करने वाला डॉक्टर उसकी बुरी हालत देख कर रोये जा रहा था। जोआना ने बताया कि आईएसआईएस के कब्जे वाले सीरिया और ईराक के इलाके गैर सुन्नी मुस्लिम लड़कियों के लिए नरक से भी बदतर जगह बन चुके हैं।