NIA की जांच में खुलासा: कन्हैया के स्टूडेंट मूवमेंट का फायदा उठाना चाहता था ISIS

नई दिल्ली(14 मई): दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस भारत के अलग-अलग शहरों में हुए स्टूडेंट्स मूवमेंट का फायदा उठाना चाहता था। आईएसआईएस चाहता था कि इसी मूवमेंट की आड़ में दहशत का माहौल फैलाया जाए। गौरतलब है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद देशभर में स्टूडेंट्स मूवमेंट हुए थे। कन्हैया को जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के केस में अरेस्ट किया गया था।

एनआईए की जांच में इस बात का खुलासा भारत में इस संगठन के लिए रिक्रूट हुए 3 संदिग्ध आतंकियों ने किया है। तीनों संदिग्धों के बयान के मुताबिक जेकेएच की मीटिंग टुमकुर-बेंगलुरु (कर्नाटक), वेस्ट बंगाल और पंजाब में हुई थीं। आशिक अली ने अपने बयान में कहा कि अहमद अली खुद को अंसार-उत-तवाहिद फी बिलाद-अल-हिंद (AuT) का चीफ बताता था।

बता दें कि आशिक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग का स्टूडेंट है। अहमद ने 19 फरवरी को आशिक से ट्रिलियन ऐप की मदद से कॉन्टैक्ट किया था।  उस समय एनआईए ने आईएसआईएस के 19 संदिग्धों को अरेस्ट किया था। आशिक के मुताबिक अहमद ने मुझसे देश में स्टूडेंट्स मूवमेंट का फायदा उठाने को कहा। उसने मुझसे गाड़ियों, तेल के टैंकर में आग लगाने को कहा। आशिक को एनआईए ने 22 फरवरी को अरेस्ट किया था।

एजेंसियों का मानना है कि अहमद अली ही शफी अरमर है जो आईएसआईएस का भारत में चीफ था। अरमर हाल ही में यूएस ड्रोन अटैक में मारा जा चुका है। आशिक के मुताबिक, अहमद ने उससे जासूसी, स्वीमिंग और मैपिंग सीखने के लिए भी कहा। अहमद से आशिक ने कहा कि उसका पहला निशाना शिया होने चाहिए। उनका मकसद पूर्व इंडियन मुजाहिदीन चीफ यासीन भटकल को भी जेल से छुड़ाना था।

आशिक के मुताबिक मैंने अली से पिस्टल की मांग की। उसे अपने घर (हुगली) के पास स्थित एक मंदिर की फोटो भेजी जहां हम घटना को अंजाम दे सकते थे। इस पर अहमद ने कहा कि हम कुछ छोटा नहीं करेंगे। आशिक ने ये भी बताया कि उसका हिंदू गर्लफ्रैंड से ब्रेकअप हो गया था। क्योंकि उसने कहा था कि वह अपना धर्म नहीं बदलेगी। इसके बाद वह जिहाद के लिए कुछ करना चाहता था।