बगदादी की नजर भारत के नक्सलियों पर

नई दिल्ली (19 जुलाई): एनआईए ने आतंकी संगठन आईएसआईएस को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने कहा है कि इस आतंकी संगठन ने भारत में नक्सली संगठनों से संपर्क की कोशिश की थी।

आईएसआईएस के आतंकी समझना चाहते थे कि आखिर नक्सली ग्रुप कैसे काम करते हैं। इतना ही नहीं आईएसआईएस इन नक्सली संगठनों से हथियार भी खरीदना चाहता था। एनआईए ने स्पेशल कोर्ट में 16 लोगों के खिलाफ दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ये बातें कही हैं। इस चार्जशीट में आईएसआईएस के मुख्य रिक्रूटर शफी अरमार का भी ज़िक्र है। एनआईए ने पिछले साल 9 दिसम्बर को आईएसआईएस के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

चार्जशीट में शफी अरमार के अलावा मोहम्मद नफीस खान, मुदब्बिर मुश्ताक शेख, अबु अनस, नजमुल हुडा और मोहम्मद अफज़ल का भी ज़िक्र है। एनआईए के मुताबिक इन आरोपियों ने नक्सलियों से संपर्क किया था ताकि वो समझ सकें कि आखिर नक्सली आतंक कैसे फैलाते हैं। इतना ही नहीं ये आरोपी नक्सलियों से हथियार भी खरीदना चाहते थे।

एनआईए के मुताबिक इन आरोपियों ने जुनूद-उल-खिलाफा-फिल-हिंद नाम से एक संगठन भी बना लिया था। इनका मकसद मुस्लिम लड़कों को अपने संगठन में शामिल करना था जो आईएसआईएस के लिए काम करना चाहते हों। एनआईए के मुताबिक उसके पास फॉरेंसिक दस्तावेज़ भी हैं कि शफी अरमार ने सीरिया में बैठे-बैठे सोशल मीडिया के ज़रिए आरोपियों से संपर्क किया था। सिर्फ यही नहीं आरोपियों ने देवबंद के पास तुमकुर के जंगलों में और अपने-अपने घरों में 8 बार मीटिंग भी की थी।

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