मोसुल में 100 किलोमीटर तक इराक ऑर्मी का कब्जा

बगदाद (20 अक्टूबर): ISIS की आखिरी पनाहगाह मोसुल पर इराकी ऑर्मी ने 100 किलोमीटर तक कब्जा कर लिया है। इराक सेना और अमेरिकी गठबंधन की फौज सोमवार को अपना सैन्य अभियान शुरू कर चुकी है।

ISIS ने शहर के बाहरी हिस्सों में खाइयां खोदीं और उन्हें तेल से भर दिया है। इनमें आग लगाकर ना केवल वे पैदल सेना का रास्ता रोक रहे हैं, बल्कि इनसे निकलने वाले घने काले धुएं ने लड़ाकू विमानों के लिए भी आसमान से बमबारी कर पाना खासा मुश्किल बना दिया है। ISIS ने यहां कंक्रीट के बाड़े और दीवारें बनाई हैं।

कई खबरों में बताया जा रहा है कि टिगरिस नदी पर बने पुल पर, जो कि मोसुल के दोनों हिस्सों को आपस में जोड़ते हैं, बारूदी सुरंगी बिछा दी गई हैं। हवाई बमबारी से बचने के लिए ISIS ने मासूम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को ऊंची इमारतों के ऊपर खड़ा कर दिया है। अपने बचाव के लिए मासूमों को ढाल की तरह इस्तेमाल करने की नृशंस कवायद शुरू हो गई है।

आपकी कल्पना से भी ज्यादा खून बहेगा मोसुल में ISIS के खात्मे के लिए लड़ रहे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए मोसुल की लड़ाई एक 'परीक्षा' की तरह है। मोसुल से खात्मे को ISIS के अंत की शुरुआत बताया जा रहा है। यह लड़ाई काफी निर्णायक साबित होने वाली है, लेकिन शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि किसी जगह को आजाद कराने का मिशन अपने साथ इतने बड़े 'हत्याकांड' का जोखिम लेकर आए। आने वाले दिनों में दुनिया को मोसुल के अंदर ISIS के खिलाफ विश्व की सबसे बड़ी लड़ाई देखने को मिलेगी। अमेरिका, ब्रिटेन और विशेष दस्तों की हवाई क्षमताओं से लैस 30,000 से ज्यादा इराकी सैनिक मोसुल से ISIS को खदेड़ने में जुट गए हैं।

मोसुल को जीतकर दुनिया का सबसे नृशंस आतंकी संगठन बना IS 2014 में ISIS ने इस शहर को जीता था। काले मास्क और काले कपड़े पहने आतंकवादियों का काफिला सीरिया की सीमा पार कर यहां बेखौफ घूम रहा था। कुछ हजार ISIS लड़ाकों ने 75,000 इराकी सैनिकों को हरा दिया था।