IS लड़ाके ने भीड़ के सामने मां को उड़ाया, इस्लाम से भटकने का लगाया आरोप

नई दिल्ली (8 जनवरी) : आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) क्रूरता का दूसरा नाम बन गया है। इसका एक और सबूत आईएस के एक लड़ाके ने दिया। अली सकर अल कासम नाम के इस 20 वर्षीय लड़ाके ने ये आरोप लगाकर भीड़ के सामने मौत के घाट उतार दिया कि वो इस्लाम के सिद्धांतों से भटक गई थी।

रक्का के एक एक्टिविस्ट ग्रुप के मुताबिक अल कासम ने अपनी 45 वर्षीय मां लीना के सिर में भारी भीड़ के सामने गोली मार दी।  

सीनियर ऑब्जरवेट्री ऑफ ह्यूमन राइट्स ग्रुप का कहना है कि लीना पर अपने बेटे को आईएस छोड़ने और रक्का से बाहर भागने की कोशिश करने का आरोप था। अल कासम ने आईएस के सीनियर कमांडरों को मां के बारे में बताया। इसके बाद आईएस के आकाओं ने अल कासम को अपनी मां के क़त्ल का फ़रमान सुना दिया।लीना की हत्या उस पोस्ट ऑफिस के बाहर की गई, जहां वे काम करती थीं।