'पैसों की कमी में अपने ही ज़ख्मी लड़ाकों के अंग बेच रहा है IS'

नई दिल्ली (20 अप्रैल): आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को पैसों की कमी से गुजरना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि इसके लिए वह अपने घायल लड़ाकों को ही जान से मार रहा है। जिससे उनके अंग निकालकर विदेशों में अवैध तरीके से बेचे जा सकें।

ब्रिटिश अखबार 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अरबी भाषा के अखबार अल-सबाह ने इराकी शहर मोसुल में एक अज्ञात सूत्र के हवाले से यह खबर छापी है। जिसमें कहा गया है, "डॉक्टरों को एक जख्मी आईएस आतंकवादी के शरीर के अंग निकालने के लिए धमकाया गया।"

जिहादी गुट अगवा किए गए इन लोगों के शरीर के अंगों का ट्रांसप्लांटेशन के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। संगठन के आतंकवादियों को मोसुल के दक्षिणी हिस्से में नुकसान के बाद बजट कम पड़ने लगा है। इस वजह से वे अपने उन आतंकियों को ही मार रहे हैं, जो घायल हो चुके हैं। ऐसा उनके दिल और गुर्दे निकालकर उन्हें बेचने के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा आईएस मोसुल की जेलों में कैदियों को रक्तदान करने के लिए मजबूर करता है। उनकी मौत की सजा को टालने का प्रयास करता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उनके खून का फायदा उठाया जा सके।