ISIS के कब्जे में भारतीय पादरी, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लगाई रिहाई की गुहार


कोच्चि (26 दिसंबर): पूरी दूनिया के लिए नाशूर बने आतंकी संगठन ISIS भले ही खात्मे की कगार पर है लेकिन उसकी क्रूरल और अमानवीय हरकतें लगतार जारी है। इसकी कड़ी यमन से अगवा किए गए एक भारतीय कैथलिक पादरी ने पोप फ्रांसिस और एक विडियो के जरिए भारत सरकार से अपनी रिहाई की अपील की है। वीडियो में टॉम उझुन्नलिल ने पीएम और राष्ट्रपति से गुहार लगाते हुए कहा है कि उनकी रिहाई के लिए कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई है। क्रिसमस के अगले दिन जारी वीडियो में उन्होंने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस से भी जान बचाने की गुहार लगाई है।


पादरी ने वीडियो में कहा है कि माननीय पोप फ्रांसिस, माननीय पवित्र फादर, एक फादर के तौर पर मेरी जिंदगी का ख्याल करें। मैं बहुत हताश हूं। मेरी सेहत बिगड़ रही है। केरल में न्यूज चैनलों पर प्रसारित इस विडियो में पादरी उझुन्नलिल ने उनके साथ भेदभाव होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कांपती आवाज में कहा है कि अगर मैं एक यूरोपीय पादरी होता तो मुझे अधिक गंभीरता से लिया गया होता। मैं भारत से हूं, इसलिए मेरी उतनी अहमियत नहीं है।


गौरतलब है कि केरल के रहने वाले कैथलिक पादरी को इसी साल मार्च में इस्लामिक स्टेट ने अगवा कर लिया था। इस्लामिक स्टेट ने यह कारनामा दक्षिणी यमन के अदन शहर में मदर टेरेसा की मिशनरी ऑफ चैरिटी की ओर से चलाए जा रहे एक वृद्धाश्रम पर हमले के दौरान किया था। भारत सरकार उनकी रिहाई की कोशिश कर रही है।