परिवार के 5 सदस्य भारत से भागकर IS में शामिल हुए

नई दिल्ली(21 अगस्त): 26 साल का अशफाक अहमद जब इस साल जून में अपनी पत्नी, छोटी बच्ची और 2 कजन्स मुहम्मद सिराज (22) और एजाज रहमान (30) के साथ विदेश गया, तो अशफाक के परिवार को जरा भी आभास नहीं था कि वे सब इस्लामिक स्टेट (IS) में शामिल होने जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में मुस्लिम उपदेशक मुहम्मद हनीफ से पूछताछ की जा रही है।

- जून के आखिरी हफ्ते में अशफाक के छोटे भाई के मोबाइल पर अशफाक का एक संदेश आया। इसमें उसने बताया था कि वह IS के अधिकार वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गया है और लौटकर नहीं आना चाहता है। अशफाक ने अपने संदेश के आखिर में लिखा था, 'अम्मी और अब्बू का ख्याल रखना।'

- अशफाक के पिता अब्दुल माजिद ने 6 अगस्त को हनीफ के अलावा केरल के एक स्कूल शिक्षक अब्दुर राशिद के खिलाफ पुलिस में शिकायत लिखवाई। इसके अलावा उन्होंने नवी मुंबई में रहने वाले आरशी कुरैशी और कल्याण निवासी रिजवान खान का नाम भी शिकायत में दर्ज कराया। माजिद का आरोप है कि इन सबने ही 'उनके बेटे अशफाक को IS में शामिल होने के लिए बहकाया।'

- माजिद ने FIR में लिखा है कि वह बरेलवी पंथ से जुड़े मुस्लिम हैं। उन्होंने लिखा है, 'इसके बावजूद मेरे बेटे का झुकाव अल-हदीस संप्रदाय की ओर हुआ और 2014 में उसने यही मत अपना लिया। अप्रैल 2014 में उसकी शादी हुई। उसने बाद में हमें इस शादी की जानकारी दी।' अभी यह साफ नहीं हो सका है कि अशफाक अपनी पत्नी को जबरन साथ ले गया या फिर वह अपनी मर्जी से गई। इसी साल अप्रैल-मई में अशफाक और उसकी पत्नी धार्मिक तालीम के लिए श्री लंका गए थे।

- माजिद ने बताया कि 2014 से ही उनके बेटे के व्यवहार में काफी अंतर आ गया था। उन्होंने बताया, 'उसने संगीत सुनना, टीवी देखना बंद कर दिया। वह अलग तरह के कपड़े पहनने लगा और दाढ़ी भी रखने लगा। उसमें इतनी तेजी से आए बदलाव से परिवार परेशान था।' माजिद का आरोप है कि हनीफ ने उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया। हालांकि क्राइम ब्रांच को अभी इस बात की पुष्टि के सबूत नहीं मिले हैं कि हनीफ ने ही अशफाक को देश के बाहर जाने में मदद की।