'दस-दस साल की लड़कियों को यौन गुलाम बना रखा है ISIS के आतंकियों ने'

नई दिल्ली (16 फरवरी): कई महीने लगातार आईएसआईएस की यौन यातानाएं झेल कर भाग निकली नादिया मुराद ने लंदन में बीते रोज अपनी आप बीती सुनायी। यज़ीदी समुदाय की नादिया मुराद को आईएसाईएस के आतंकियों ने ईराक के मौसूल से अपह्रत कर'यौन गुलाम'बना लिया था।

'द इंडिपेंडेंट' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक आईएआईएस के ज़ुर्म की शिकार महिलाओं के समर्थन में अभियान पर निकली 21 साल की नादिया ने ट्रेड यूनियन हाउस में बताया कि आतंकियों ने हमला कर हज़ारों यज़ीदियों को कैद कर लिया था। परिवार के 14 साल से बड़े मर्द सदस्यों को बड़ी बेरहमी से मार डाला गया। बच्चों, कुंवारी लड़कियों और औरतों को बंधक बनाकर अपने कैम्पों में ले गये और फिर लड़कियों और औरतों के साथ बहशियत का खेल शुरु हो गया। नादिया ने बताया कि उसके  छह जवान भाइयों को उसके सामने कत्ल कर दिया गया।

नादिया ने बताया कि जिन महिलाओं न उनकी क्रूरता का विरोध किया उनके साथ बलात्कार करने के बाद उनकी हत्या कर दी गयी। ऐसी सैकड़ो महिलाओं की सामुहिक कब्रें ईराक के शहरों में कई जगह मिल जायेंगी। नादिया ने बताया कि इस वक्त भी लगभग 4000 यज़ीदी लड़कियां-औरतें आईएसआईएस की यातनाएं बर्दाश्त कर रही हैं। नादिया ने बताया कि आईएसआईएस के आतंकी दस साल से भी कम उम्र की लड़कियों के शरीर की सरे आम बोली लगाते हैं। उसने कहा कि महिलाओं के लिए खास तौर पर यज़ीदी महिलाओँ के लिए आज भी आईएसआईएस की कैद नरक से भी ज्यादा खतरनाक जगह है।