कभी भी मारा जा सकता है बगदादी, मोसुल में सेना का सबसे बड़ा आॅपरेशन जारी

नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ) : इराकी सेना दो सप्ताह के बाद सोमवार को isis के गढ़ मोसुल के पास पहुंच गई। सैन्य कमांडरों का कहना है कि अमेरिका की अगुवाई वाली सेना आक्रामक है और 2003 में सद्दाम हुसैन के तख्ता पलट के बाद का यह सबसे बड़ा सैन्य अभियान है।  अभी मोसुल को isis से छुटकारा दिलाने में सप्ताह या महीना भी लग सकता है, लेकिन हम isis से मोसुल को छुटकारा दिलाकर रहेंगे।

बद्र संगठन जो इराकी सेना के साथ सबसे बड़ा शिया मिलिटया संगठन isis से लड़ रहा है के नेता हदी-अल-अमीरी ने कहा कि मोसूल की लड़ाई कोई पिकनिक नहीं है। हम isis से मोसुल में महीनों लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन मोसूल को isis से छुड़ाकर रहेंगे। 

आतंकवादियों से लड़ने वाला संगठन(सीएसटी) मोसुल के बाहरी इलाके औद्योगिक क्षेत्र पूर्व की ओर आगे पहले ही बढ़ चुका था और अब वह सोमवार को मोसुल में प्रवेश कर सकता है। यह मोसुल के प्रशासनिक क्षेत्र से केवल एक किमी दूर है। 

मोसुल को आजाद कराने के लिए मोसुल के उत्तर-दक्षिण में स्थित नदीं के पूर्वी तट से सेना ने मोसुल को छुड़ाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। अब मोसुल को सेना ने चारों तरफ से घेर लिया है।

इस्लामिक स्टेट के नेता अबू बकर अल-बगदादी के नेतृ्त्व में isis ने दो साल पहले मोसुल पर कब्जा किया था और ग्रैंड मस्जिद पर अपना झंडा लगाकर बगदादी ने यह कहा था कि उसने मोसुल पर कब्जा कर लिया है। 

इस्लामिक स्टेट समूह ने जून 2014 से मोसुल शहर पर कब्जा किया हुआ है