ISI के 11 जासूस गिरफ्तार, पाकिस्तान को देते थे सेना की जानकारी

नई दिल्ली (9 फरवरी): एटीएस ने कॉल सेंटर की आड़ में मिलिट्री की गुप्त जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। एटीएस ने इस सिलसिले में एमपी के 4 शहरों ग्वालियर, सतना, भोपाल और जबलपुर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में इन लोगों ने टेलीफोन एक्चेंज का इस्तेमाल किया।

ग्वालियर से 5, भोपाल से 3, जबलपुर से 3 और सतना से 1 शख्स को अरेस्ट किया गया है। ये लोग इंटरनेट कॉल को सेल्युलर कॉल में ट्रांसफर कर देते थे। इससे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स की आइडेंटिफिकेशन नहीं हो सकती थी।

आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए टेलीफोन एक्सचेंज ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में मिले हैं। ये लोग पैरेलल टेलीफोन एक्सचेंज चलाते थे। एटीएस ने मोबाइल फोन, कई कंपनियों की सिम कार्ड, सिम बॉक्स, लैपटॉप और चाइनीज बॉक्स बरामद किए हैं। आरोपियों पर देशद्रोह और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एटीएस के मुताबिक, टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए कॉलर की पहचान नहीं हो पाती थी। इनकी जगह फर्जी नाम और पतों से ली गई सिम की आइडेंटिटी दिखाई देती थी। इन एक्सचेंज के जरिए हवाला और लॉटरी फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा था। साथ ही, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स भी भारत में अपने लोगों से कॉन्टैक्ट कर रहे थे।

इस तरह के नेटवर्क दूसरे राज्यों में भी फैले हो सकते हैं। पूरे मामले में टेलिकॉम कंपनियों की मिली-भगत भी सामने आई है। नवंबर 2016 में जम्मू से सतविंदर और दादू को गिरफ्तार किया गया। सतविंदर पाक हैंडलर्स के कहने पर मिलिट्री इन्फॉर्मेशन इकट्ठा कर रहा था। सतविंदर पुल, कैम्प, सेंट्रल सिक्युरिटी फोर्सेस की सीक्रेट इन्फॉर्मेशन और तस्वीरें पाक हैंडलर्स को दे रहा था।

सतविंदर के अकाउंट में पैसे सतना का बलराम डिपॉजिट करता था। बलराम फेक आईडी की बदौलत कई बैंक अकाउंट हैंडल कर रहा था और PAK हैंडलर्स के कॉन्टैक्ट में था। बलविंदर के अकाउंट में पैसे फेक टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए आ रहा था, जो कई-कई जगहों से ऑपरेट किए जा रहे थे।